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टूटी खिड़की, अधूरी पुताई को अफसरों ने कहा ओके

Tue, 13 Oct 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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कैलाश प्रकाश स्टेडियम में 14 अक्तूबर से 36वीं राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता शुरू होने जा रही है। लेकिन अभी तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं। मुख्य बिल्डिंग की हालत ही खस्ता है। खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। पुताई भी आधी अधूरी की गई है। कुछ टायलेट तक ठीक नहीं कराए गए हैं। 
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स्टेडियम की कायाकल्प करने में पूरा प्रशासन अमला लगा है। एमडीए, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांसद, महापौर, विधायक, कमिश्नर, डीएम तक स्टेडियम को दौरा कर चुके हैं। सभी ने तैयारियों पर संतुष्टि भी जताई है।

लेकिन स्टेडियम की हालत अभी भी ठीक नहीं है। स्टेडियम की मुख्य बिल्डिंग की पुताई की गई है। लेकिन ऊपर की टीन में जंग लगा है। खिड़कियों के शीशे टूटे पड़े हैं। बिल्डिंग की सामने की दीवार को छोड़कर बाकी जगह सफेदी नहीं कराई गई है। कई जगह दीवारों का सीमेंट छूट रहा है।
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प्रशासन का फोकस मुख्य बिल्डिंग पर ही अधिक रहा है, फिर भी उसकी हालत खस्ता है। स्वाधीनता सेनानी व पूर्व मंत्री कैलाश प्रकाश के नाम पर ही स्टेडियम का नाम रखा गया है। मुख्य गेट पर ही इनकी प्रतिमा लगी है। इसकी सफाई तक नहीं कराई गई है। इस पर धूल जमी है।

परेशान रहे अन्य खेलों के खिलाड़ी
स्टेडियम में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, कुश्ती, वॉलीबाल, बास्केटबाल, बैडमिंटन, बाक्सिंग, शूटिंग आदि खेलों के खिलाड़ी सुबह शाम प्रैक्टिस करते हैं। तीरंदाजी प्रतियोगिता के चलते सोमवार से स्टेडियम अन्य खिलाड़ियों के लिए बंद कर दिया गया है। स्टेडियम प्रशासन ने कोच और खिलाड़ियों को इसकी जानकारी नहीं दी। जिस कारण शाम को खिलाड़ी अभ्यास करने पहुंच गए। शाम को उन्हें एंट्री नहीं दी गई। इस पर वे परेशान होकर लौटे। खिलाड़ियों ने सूचना न देने पर रोष जताया।

यूपी टीम ने लगाए निशाने
राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में पदक पर निशाना साधने के लिए यूपी टीम जमकर अभ्यास कर रही है। टीम के सभी सदस्यों ने स्टेडियम में सुबह से शाम तक कई चरणों में अभ्यास किया। कंपाउंड पुरुष वर्ग में बागपत के हितेश, सचिन, आर्मी के अर्जुन, अरुण, कंपाउंड महिला वर्ग में बागपत की साक्षी, वर्शिता व रितिका ने एकाग्रता से लक्ष्य भेदने का अभ्यास किया। रिकर्व पुरुष वर्ग में गुरुकुल प्रभात आश्रम के चमन, विश्वास व सुमित, सोनभद्र के विजय, रिकर्व महिला वर्ग में बागपत की मधु, गुरुकुल चोटिपुर की इशिता व वर्षा, गाजीपुर की नमिता ने निशाना साधा।

ये टीमें पहुंची मेरठ
प्रतियोगिता में आर्मी, रेलवे, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसपीएसबी, ऑडिनेंस फैक्ट्री, आसाम राफल समेत विभिन्न प्रदेशों की करीब 36 टीमें शामिल होंगी। सोमवार को आर्मी, सिक्किम, कर्नाटक की टीमें मेरठ पहुंच गईं। बाकी सभी टीमेें मंगलवार दोपहर तक आ जाएंगी।

यहां टूटेंगे रिकार्ड : रविशंकर
मेरठ। तीरंदाजी प्रतियोगिता के दौरान कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं। यहां का मौसम अच्छा है। यह कहना है तीरंदाजी की नेशनल टीम के कोच रविशंकर का। वह बताते हैं कि कंपाउंड और रिकर्व दोनों श्रेणी में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और ओलंपियन भाग लेंगे। मौसम को देखते हुए अच्छे खेल की उम्मीद है। सर्विसिज के चीफ कोच ने कहा कि मेरठ से पुराना नाता है, यहां तीसरी बार आया हूं। यहां के खिलाड़ी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 2003 व 2008 में जब मैं यहां आया तो जो समय खिलाड़ियों में उत्साह दिखा, वह आज भी बरकरार है। थरविशंकर ने बताया कि यहां दीपिका कुमार, लक्ष्मी मांझी, मंगल सिंह, जयंत तालुकदार जैसे तीरंदाज पदक पर निशाना लगाएंगे तो जरूर पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।

पत्नी की प्रेरणा से की वापसी : सानंद मित्रा
इंडियन टीम के पूर्व कप्तान सानंद मित्रा आठ साल बाद वापसी करेंगे। 2005 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेलने वाले सानंद बताते हैं कि पत्नी के कहने पर ही तीरंदाजी में वापसी करने का विचार आया है। छत्तीसगढ़ टीम से खेलने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने 2007 में अपने व्यवसाय के लिए तीरंदाजी छोड़ दी थी। उन्होंने 2004 से 2007 तक कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खेली हैं। वह बताते हैं कि वर्तमान में तीरंदाजों को काफी सहूलियत है। लेकिन हमने जब तीरंदाजी खेलना शुरू किया था, तब इंटरनेट का काफी कम चलन था। हम फोटो देखकर ही तीरंदाजी की प्रैक्टिस करते थे। लेकिन अब टेक्नोलॉजी के युग ने सभी कुछ आसान कर दिया है।
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