एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि आरोपी नौकरानी रोशनी और नीरज की मुलाकात करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। नीरज उससे मिलने के लिए बीच-बीच में मेरठ भी आता था। जांच में सामने आया कि वारदात से करीब दो महीने पहले रोशनी ने नीरज को कारोबारी के घर की जानकारी दी थी।
उसे बताया कि घर में कौन रहता है, कहां कीमती सामान रखा है और किस तरह चोरी की जा सकती है। इसके बाद नीरज ने चोरी की साजिश रची। हालांकि चोरी की योजना किसने किस तरह अंतिम रूप दी और दोनों की भूमिका क्या रही इस संबंध में पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
चोरी के बाद ऑटो से सोहराब गेट पहुंची, फिर बस से आगरा गई : पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद रोशनी ऑटो से सोहराब गेट बस डिपो पहुंची। वहां से बस पकड़कर वह आगरा गई जहां उसका प्रेमी नीरज रहता है। इसके बाद दोनों आगरा से बस में सवार होकर कानपुर के लिए रवाना हो गए। उधर, चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली गई।
जांच में रोशनी की लोकेशन कानपुर में मिलने के बाद पुलिस की दो टीमें वहां भेजी गईं। पुलिस ने मंगलवार शाम दोनों को कानपुर से हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक, दोनों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। पुलिस टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं और चोरी के सामान का पता लगाने में जुटी हैं।
कुक से भी की पूछताछ
पुलिस ने कारोबारी के घर काम करने वाले कुक को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। इसके बाद आशुतोष भल्ला गंगानगर थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर विनय कुमार से मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी ली। पुलिस ने चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस घटना की जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी भी लगी हुई थी। कारोबारी के घर हुई चोरी ने घरेलू सहायकों के सत्यापन और घरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार को की थी चोरी
घटना सोमवार दोपहर की है। डिफेंस कॉलोनी के ए-12 में रहने वाले स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर पर दिसंबर 2025 से रोशनी घरेलू सहायिका का काम करती थी। रोशनी एक एजेंसी के माध्यम से आई थी। आरोप है कि उसने सोमवार को कारोबारी की 70 वर्षीय मां रेखा भल्ला को नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद वह घर की तिजोरी से ज्वेलरी, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गई।
घटना के समय आशुतोष के भाई का परिवार मकान की ऊपरी मंजिल पर मौजूद बताया गया। शाम को आशुतोष घर लौटे तो उन्होंने अपनी मां को अचेत अवस्था में देखा। इसके बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई और पुलिस को सूचना दी गई। रेखा भल्ला को अस्पताल ले जाया गया था। देर रात उन्हें अस्पताल से घर लाया गया। चोरी में कितनी नकदी और कितनी कीमत की ज्वेलरी गई, इस बारे में पीड़ित परिवार की ओर से पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।