क्षेत्र के गांव कुराली निवासी सौरभ (24) पुत्र राजकुमार शर्मा और आयुष उर्फ पुनीत (23) पुत्र आशुतोष शर्मा उर्फ राजू शनिवार देर रात कार में हरिद्वार से कांवड़ मार्ग से होते हुए अपने घर कुराली लौट रहे थे। कांवड़ मार्ग पर रुड़की के मंगलौर थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर झाल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर गंगनहर में गिर गई। कार गंगनहर में गिरते देख पीछे आ रहे अन्य राहगीरों ने जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर पहुंची जहां गंगनहर में एक ग्रे रंग की कार आधी डूबी हुई मिली। स्थानीय झाल कर्मियों की मदद से तलाशी ली गई तो कार के भीतर दो युवक फंसे मिले। पुलिस ने दोनों को बाहर निकाला लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त कार को नहर से बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलने पर रात में ही परिजन रुड़की पहुंचे। पुलिस ने दोनों के शव पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिए। परिजनों ने पुलिस से पोस्टमार्टम या अन्य कोई कार्रवाई से इन्कार कर दिया। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए।
इकलौता पुत्र था आयुष बचपन के दोस्त थे दोनों
आयुष के पिता आशुतोष खेतीबाड़ी करते हैं। आयुष अपने पिता का इकलौता पुत्र था। आयुष की बड़ी बहन अंजलि है। सौरभ और आयुष दोनों बचपन के दोस्त थे। सौरभ के बड़े भाई विवेक शर्मा ने बताया कि हरिद्वार से चलते समय रात 10 बजे सौरभ ने उन्हें कॉल कर कहा था कि वह हरिद्वार से वापस घर के लिए चल दिए हैं। दो घंटे में घर पहुंच जाएंगे लेकिन 12 बजे मंगलौर पुलिस ने सौरभ और आयुष की मौत की सूचना उन्हें कॉल कर दी।
दुकानदारों ने नहीं खोले प्रतिष्ठान
सौरभ और आयुष की मौत की जानकारी रविवार सुबह ग्रामीणों को मिली। जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शोक संवेदना प्रकट करने के लिए उनके घरों पर जमा हो गए। रविवार को गांव कुराली के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले। सौरभ के पिता राजकुमार शर्मा कुराली में ही स्थित एक प्राइवेट संस्थान में काम करते हैं।
सौरभ एमआईईटी कॉलेज में एमबीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। सौरभ का शादीशुदा बड़ा भाई विवेक शर्मा है। वह नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। विवेक की कार से ही सौरभ और आयुष हरिद्वार गए थे।