विवेचना में पुलिस ने मौजूदा पार्षद रफीक अंसारी और हाजी बुंदू को भी आरोपी बनाया था। पुलिस ने सन 1995 में 22 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
रफीक अंसारी कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, जिसके चलते सन 1997 में उनके गैर जमानती वारंट जारी हुए। इसके बाद उनके 101 गैर जमानती वारंट जारी हुए। सीआरपीसी की धारा 82 के अंतर्गत कुर्की प्रक्रिया के बावजूद भी रफीक कोर्ट में पेश नहीं हुए। रफीक इसके खिलाफ हाईकोर्ट गए लेकिन वहां से राहत नहीं मिली।
हाईकोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिए कि रफीक अंसारी को गिरफ्तार कराकर कोर्ट में पेश कराएं। जिसके बाद एडीजी जोन डीके ठाकुर ने एसएसपी को कमेटी गठित करके गिरफ्तारी करने को कहा।
सोमवार को पुलिस टीम ने विधायक रफीक अंसारी को बाराबंकी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने रफीक अंसारी को कोर्ट में पेश किया जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उनको जेल भेज दिया गया।