गांवों में मन से, शहरों में औपचारिकता से सुनी जाती है कविता
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. पंवार ने ग्रामीण और शहरी परिवेश में कविता के प्रति लोगों के दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कविता को मन से सुनते और महसूस करते हैं, जबकि शहरों में आयोजन अधिक औपचारिक और व्यावसायिक स्वरूप ले चुके हैं। उनका कहना था कि साहित्य की वास्तविक आत्मा आज भी गांवों में जीवित है।
कवि सम्मेलन को बताया यादगार आयोजन
डॉ. पंवार ने कहा कि प्रस्तावित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष रहेगा। उन्होंने बताया कि देशभर के कई प्रतिष्ठित कवि इस आयोजन में भाग लेंगे और इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में मनिंदर पाल सिंह, प्रदीप त्यागी, ईश्वर दयाल त्यागी, हर्ष कुमार, अजय त्यागी, मदन पाल सिंह, डॉ. ओ.पी. तोमर, भूषण त्यागी, मयंक त्यागी, पवन त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।