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लापरवाही : मेरठ मेडिकल में फिर बदले शव, मुरादाबाद की कोरोना पाॅजिटव महिला का शव ले गए बागपत वाले

Thu, 22 Apr 2021 09:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर बड़ी लापरवाही होते-होते रह गई। कोरोना पॉजिटिव दो महिला मरीजों के शव बदल गए। एक परिवार वाला तो शव लेकर निकल भी गया था, लेकिन जब दूसरी महिला के परिजन पहुंचे तो मामला खुला। इसके बाद शव ले जा रहे परिवार को बुलाया गया और फिर शवों को उनके अपनों के सुपुर्द किया गया। मंगलवार रात करीब ढाई बजे से शुरू हुआ यह सिलसिला बुधवार तड़के तक चला।
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मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में दो महिलाओं की मौत हुई थी। एक महिला मुरादाबाद की रहने वाली थी और दूसरी बागपत की। बागपत का परिवार महिला के शव को लेकर निकल गया। थोड़ी देर बाद मुरादाबाद का परिवार आया। उन्होंने जब शव देखा तो सन्न रह गए।

उन्होंने कहा कि शव उनके परिवार की महिला का नहीं है। इससे हड़कंप मच गया। आननफानन में बागपत जा रहे लोगों को फोन कर उन्हें मेडिकल कॉलेज बुलवाया गया। बताया गया कि जो शव वे ले जा रहे हैं, वह मुरादाबाद की महिला का है। उनके वापस आने पर महिला का शव मुरादाबाद वालों और मोर्चरी में रखा शव बागपत वालों के सुपुर्द किया गया।
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हालांकि मेडिकल प्रबंधन इसका ठीकरा बागपत के परिवार वालों पर फोड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तरुण पाल का कहना है कि बागपत के परिवारवालों ने पारदर्शी पैकिंग के बावजूद जल्दबाजी में महिला का चेहरा नहीं देखा और शव ले गए। कोविड अस्पताल के सीएमएस डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि गलतफहमी को जल्द ही दुरुस्त कर लिया गया।
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पहले भी बदले गए शव
6 सितंबर, 2020 मेडिकल कॉलेज में दो पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु हुई थी। इनमें एक मेरठ के कंकरखेड़ा के रहने वाले थे और दूसरे गाजियाबाद के मोदीनगर के। लापरवाही के कारण एक शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। इसी के बाद पारदर्शी पैकिंग शुरू हुई थी।
 
लापरवाही-दर-लापरवाही
मेरठ मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की यह कोई पहली घटना नहीं है। मेडिकल में कभी उपचार न मिलने पर मरीज की तड़प-तड़प कर मौत होती है, तो कभी शव के स्ट्रेचर पर मरीजों को खाना परोसा जाता है।

इतना ही नहीं. कोविड जांच के सैंपल लैब से बंदर लेकर भाग जाते हैं तो लैब से जा रही जांच किट ही सड़क पर बिखर जाती हैं। इलाज में लापरवाही से परेशान होकर कभी मरीज भाग जाते हैं। इसके अलावा कोरोना वार्ड के कई ऐसे वीडियो वायरल हो चुके हैं, जो यहां की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़ा करते हैं।
  • 29 मई, 2020: पांच कोरोना पॉजिटिव मरीजों के ब्लड सैंपल बंदर छीनकर पेड़ पर जा बैठा था
  • 10 अगस्त 2020: माइक्रोबायोलॉजी लैब से वीटीएम (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया) को नष्ट करने के लिए ले जाया जा रहा था। रिक्शे से पॉलीथिन बैग सड़क पर गिरकर फट गया और वीटीएम बिखर गई
  • जनवरी 2019: शूकर ने एक मृत नवजात को मुंह में ले लिया था
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