पुलिस के अनुसार, सभी छह छात्र जयभीमनगर के निवासी हैं। वे 14 से 17 साल के हैं और वह 10वीं के छात्र हैं। बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे ये सभी छात्र भोपाल विहार निवासी मयंक शर्मा के पास ट्यूशन पढ़ने की बात कहकर गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने मयंक शर्मा से संपर्क किया। शिक्षक मयंक ने छात्रों के ट्यूशन नहीं आने की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने लापता छात्रों की तलाश शुरू की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
बृहस्पतिवार को परिजनों ने भावनपुर थाने में छात्रों के लापता होने की तहरीर दी। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में छात्रों को एक ई-रिक्शा में बैठकर हरिद्वार की ओर जाते देखा गया है। जांच और पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सभी छात्र आपस में दोस्त हैं और हरिद्वार से कांवड़ लाने की बात परिजनों से कह रहे थे, मगर परिजनों ने उन्हें हरिद्वार भेजने से इन्कार कर दिया था। एक छात्र के पिता ने उसे तीन दिन पहले पांच हजार रुपये फीस के भी दिए थे। फीस जमा नहीं कराई गई।
परिजनों की बढ़ी बेचैनी
जयभीमनगर के छह छात्रों के लापता होने से उनके परिजनों में बेचैनी है। सभी अपने बच्चों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। छात्र रोजाना एक साथ ट्यूशन पढ़ने जाते और एक साथ ही घर लौटते थे। पुलिस ने हरिद्वार जाकर छात्रों को बरामद कर लिया है। परिजनों से भी बच्चों की बात करा दी है।
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