फ्लाइंग ऑफिसर भारतीय रक्षा बलों में एक कमीशन प्राप्त रैंक है। श्रुति इसका श्रेय अपने गुरु राजीव देवगन (यूनिवर्सल काउंसलिंग सेंटर गंगानगर) को समर्पित किया । वह एक जीटीओ( ग्रुप टेस्टिंग ऑफिसर) है जो इलाबाद, बैंगलोर और भोपाल में सेवा कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि एसएसबी सर्विस सलेक्शन बोर्ड साक्षात्कार की आवश्यकताओं को सीखा, उसे चार बार रिकमेंडेशन मिली लेकिन उनमें से दो में मेरिट आउट हो गई। बाद में एयर दो प्राप्त कर मेरठ का नोम रोशन किया। श्रुति अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरु के अलावा पिता केपी सिंह, माता सुनीता, मौसा सतेंद्र भराला, मौसी डॉ मीनाक्षी भराला को दिया है।
श्रुति के पिता उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम में चालक है मां गृहिणी हैं। कहा कि माता.पिता ने हमेशा उसे प्रेरित किया है। जाट समाज के लोगों ने घर पर पहुंचकर उसका सम्मान किया और बधाई दी।