मेरठ का सेंट्रल मार्केट का वह कांप्लेक्स, जिसे लेकर इस विवाद की शुरुआत हुई थी।
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सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्पलेक्स 661/6 के दुकानदारों ने बृहस्पतिवार तक दुकानें खाली नहीं कीं। आवास एवं विकास परिषद की ओर से 15 दिन में दुकानें खाली करने के लिए तीसरा और अंतिम नोटिस दिया गया था, जिसकी मियाद बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। ऐसे में अब आवास विकास इन दुकानदारों के खिलाफ अवमानना का मामला दायर कराने की तैयारी में है।
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट के 661/6 कॉम्प्लेक्स मामले में 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हुए हैं। व्यापारियों की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सभी याचिकाएं भी रद की जा चुकी हैं। आवास एवं विकास परिषद ने 661/6 के सभी 21 दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ 15 दिन में दुकानें खाली करने का तीसरा व अंतिम नोटिस जारी करते हुए आदेश दिए थे। ऐसा न होने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला भी चलाने को चेताया गया था।
बृहस्पतिवार को नोटिस की मियाद पूरी हो गई, जबकि एक भी दुकानदार ने दुकान खाली नहीं की। वहीं, इस अवैध कॉम्पलेक्स के 21 दुकानदारों के साथ ही 31 अन्य दुकानदार भी हैं, जिनके खिलाफ विभाग की ओर से थाना नौचंदी को एफआईआर भी स्पीड पोस्ट से बीते दिनों भेजी गई। इसके बावजूद पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि अब दुकानदारों के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दायर कराया जाएगा।
उधर, दूसरी ओर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जा चुकी है। सेंट्रल मार्केट के व्यापारी इस मामले में 20 मई को बाजार बंद भी कर चुके हैं।