मेरठ के जागृति विहार की छात्रा डीयू से पढ़ाई कर रही है। वह 24 मई को मेरठ आई थी। उसके पॉजिटिव आने के बाद परिवार के लोगों की जांच शुक्रवार को कराई जाएगी।
दो साल बाद फिर कोरोना की आमद हो गई है। जागृति विहार की रहने वाली 25 वर्षीय युवती को कोरोना की पुष्टि हुई है। वह दिल्ली के कालकाजी में रहती हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में पीएचडी कर रही हैं।
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24 मई को वह दिल्ली से जागृति विहार अपने घर आई थी। सीएमओ ने बताया कि छात्रा को 30 मई को चंडीगढ़ में होने वाले गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस के बीच आईपीएल का मैच देखने जाना था। वहां स्टेडियम में एंट्री के लिए कोरोना की जांच रिपोर्ट मांग रहे हैं। नेगेटिव रिपोर्ट होने पर ही एंट्री दी जा रही है, इसलिए छात्रा ने जांच कराई। छात्रा को कोरोना के मामूली लक्षण हैं। खांसी, शरीर में हल्का दर्द और बुखार है। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में बृहस्पतिवार को उनकी जांच हुई। इसमें कोरोना की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम छात्रा के संपर्क में आए परिवार के तीन लोगों के सैंपल लेकर शुक्रवार को उनकी जांच कराएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रा को घर पर (होम आइसोलेशन) ही रहकर इलाज कराने के लिए कहा गया है। वह ये मैच देखने नहीं जा पाएगी। छात्रा को कोविड से बचाव की वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। 2023 मई माह में ही कोरोना का आखिरी बार मरीज मिला था।
आइसक्रीम खाने के बाद दिखे लक्षण
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि छात्रा के साथ फ्लैट में रहने वाली युवती को भी कोरोना जैसे ही लक्षण थे। दोनों ने आइसक्रीम खाई थी। इसके बाद पहले युवती को खांसी, शरीर में दर्द और बुखार हुआ, जबकि छात्रा में 26 मई से ये लक्षण शुरू हुए। छात्रा के साथ रहने वाली युवती की कोरोना की जांच नहीं हुई है।
दिल्ली का माना जाएगा मरीज
सीएमओ ने बताया कि तकनीकी तौर पर बाहर से आए व्यक्ति में अगर 14 दिन के भीतर कोरोना की पुष्टि होती है तो उसे उस जिले या उसी क्षेत्र का मरीज माना जाता है। इस लिहाज से यह दिल्ली का कोरोना केस है, मेरठ का नहीं। इसकी गिनती दिल्ली के कोरोना केसों में कराई जाएगी।
सात लोगों की जांच हुई, छह नेगेटिव
बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में सात लोगों की कोरोना की जांच हुई, जिनमें डीयू छात्रा को कोरोना की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी 6 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव है, यानी उन्हें कोरोना नहीं है।