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प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में मेरठ को झटका

Wed, 21 Aug 2019 04:38 AM IST
Gaurav sharma अनुज मित्तल
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गोरखपुर दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार आज होगा। राज्यपाल की तरफ से निमंत्रण पत्र जारी हो गए हैं। मंत्रिमंडल में कुछ नये चेहरे शामिल किये जा रहे हैं, तो कुछ को हटाया जा रहा है। कुछ का कद बढ़ाया जा रहा है। पश्चिमी क्षेत्र से पांच नये चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल होने का दावा किया जा रहा है, तो दो स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाये जाने की बात कही जा रही है। वहीं मेरठ को अंतिम समय में तगड़ा झटका लगा, देर शाम तक हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों की सूची में थे। समन्वय बैठक में हुए मंथन के बाद खटीक पर पूर्वांचल के एमएलसी विद्यासागर सोनकर को वरीयता दे दी गई।
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अमर उजाला ने दो दिन पहले प्रकाशित किया था कि मेरठ को उपेक्षित रखा जायेगा, वह अनुमान सही साबित होता दिख रहा है। मेरठ जनपद से भाजपा के छह विधायक हैं, लेकिन किसी को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा है। हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक को लेकर जरूर मंथन हुआ। उसके पीछे उनके अनुसूचित जाति से होने के साथ ही संघ परिवार से जुड़ा होना माना जा रहा था। मंगलवार शाम संघ और भाजपा नेताओं की समन्वय बैठक हुई तो उसमें पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर को वरीयता देने की बात कही गई।

वहीं मंत्रिमंडल में पश्चिमी क्षेत्र में मुजफ्फरनगर शहर विधायक कपिल अग्रवाल का नाम राज्यमंत्री के रूप में शामिल होना बताया जा रहा है। कपिल देव को लोकसभा चुनाव में रालोद अध्यक्ष चौ. अजित सिंह के मुकाबले डा. संजीव बालियान की जीत में अहम भूमिका निभाने का तोहफा दिया जा रहा है। उनकी दावेदारी मंत्री राजेश अग्रवाल के इस्तीफे के बाद ज्यादा मजबूत हुई। इनके अलावा पश्चिमी क्षेत्र में अति पिछड़ों को साधने के लिए चरथावल विधायक विजय कश्यप को भी शामिल किया जा रहा है। बुलंदशहर से अनिल शर्मा के साथ भाजपा संगठन में प्रदेश महामंत्री और एमएलसी अशोक कटारिया को गुर्जर कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना तय हो चुका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र गौतमबुद्धनगर से विधायक पंकज सिंह को भी कैबिनेट में शामिल किया जा रहा है।
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सुरेश राणा और भूपेंद्र चौधरी का बढ़ेगा कद
मंत्रिमंडल में थानाभवन विधायक और गन्ना राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा और मुरादाबाद के एमएलसी चौ. भूपेंद्र सिंह जो कि पंचायत राज राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार थे, उन्हें अब कैबिनेट मंत्री बनाकर कद बढ़ाया जा रहा है।

आपसी खींचतान में मेरठ को झटका
आपसी खींचतान और जातीय समीकरण ने मेरठ को उपेक्षित कर दिया। भाजपा सरकार में मेरठ से सिर्फ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व एमएलसी रामचंद्र वाल्मीकि ही अकेले ऐसे नेता रहे हैं, जो मंत्री बने हैं। सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई और किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी रालोद छोड़कर भाजपा में आए थे। लेकिन लोकसभा चुनाव में दोनों ही बेहतर परिणाम नहीं दिला सके। जबकि कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल लगातार चार बार विधायक रहने के बावजूद अपनी अधिक आयु के कारण मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो पाए। वहीं दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर लोकसभा चुनाव में दक्षिण सीट पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल को बढ़त नहीं दिला सके, तो दूसरी तरफ उनका सांसद राजेंद्र अग्रवाल और एमएलसी अशोक कटारिया से छत्तीस का आंकड़ा भी भारी पड़ा। सरधना विधायक ठा. संगीत सोम को राज्यमंत्री बनाने की बात कही जा रही थी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्होंने कैबिनेट से कम पर मंत्रिमंडल में आने से इंकार कर दिया।
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