मीट फैक्टरी में जांच करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, एसएसपी डा. विपिन ताडा अन्य अधिकारियों की टीम को साथ लेकर हापुड़ रोड स्थित अल साकिब मीट फैक्टरी पर पहुंचे। कंपनी पशुओं का मीट विदेशों में एक्सपोर्ट करती है। अधिकारियों ने मीट कंपनी एक्सपोर्ट लि. के प्रबंधक से एपीडा द्वारा प्राप्त पशु कटान के लाइसेंस की जानकारी की। कंपनी संचालकों ने पशु वधशाला का लाइसेंस 2 जून 2025 को समाप्त होने की बात कही।
फैक्टरी में जांच करते अधिकारी।
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इसके बाद टीम ने एंटीमॉर्टम वाले स्थान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पाया कि कैमरे चालू नहीं थे। कटान के लिए मीट फैक्टरी में आने वाले पशुओं का रिकॉर्ड देखा गया। प्रवेश द्वार पर पशुओं के रिकॉर्ड और एंटीमॉर्टम वाले स्थान पर रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। दो दिन पहले 1 जून को 216 पशुओं का फैक्ट्री में प्रवेश का विवरण मिला, जबकि निरीक्षण के दौरान एंटीमॉर्टम के स्थान पर 214 पशुओं का प्रवेश रिकॉर्ड में पाया गया।
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अफसरों ने पशु चिकित्सा अधिकारी से भी पूछताछ की।
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अधिकारियों ने तैनात पशु चिकित्साधिकारी से पूछताछ की तो उन्होंने 2 पशु एंटीमॉर्टम निरीक्षण के समय हटा दिये जाने की बात कही। मीट कंपनी में बगैर टैग के पशुओं का कटान किए जाने पर नाराजगी ही नहीं जतायी, बल्कि पशु चिकित्सक से जवाब तलब भी किया है। इस दौरान फैक्ट्री में ईटीपी प्लांट का भी निरीक्षण किया तो प्लांट चलता मिला। जिलाधिकारी ने कंपनी संचालकों को व्यवस्था में सुधार करने और सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।