धनपुर गांव में जयभगवान यादव का परिवार रहता है। वह सरकारी शिक्षक से सेवानिवृत्त हैं। उनके छोटा बेटा गोपाल यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं और वर्तमान में सहारनपुर जिले में तैनात है। गोपाल की बड़ी बेटी खुशी और छोटा बेटा पुनीत(6) यादव था।
परिजनों के अनुसार रविवार सुबह आठ बजे पुनीत घर के बाहर खेल रहा था। तभी पड़ोस में रहने वाली सुमन पत्नी टीटू पुनीत को अपने साथ ले गई। उस समय टीटू का लड़का सोनू भी उसके साथ था। करीब 8.30 सुमन का बेटा सोनू एक लेटर लेकर जय भगवान के घेर में पहुंचा। वहां टीटू पहले से मौजूद था। टीटू ने वह लेटर जयभगवान को दे दिया। जिसमें 50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी।
शक होने पर परिजनों ने टीटू को पकड़ लिया। सूचना पर डायल 112 पहुंच गई। उन्होंने परिजनों के साथ बच्चे की तलाश शुरू की। टीटू के घर जाकर उसकी पत्नी सुमन और बेटी टीना को उठा लिया और पूछताछ की। उसने हत्या करना कबूल किया।
पुलिस आरोपियों को इंचौली थाने ले गई। ग्रामीणों और इंचौली पुलिस ने तलाश शुरू की तो 500 मीटर दूर गन्ने के खेत के बीच में शव पड़ा मिला। मौके पर हंगामा हो गया। घटना को देखते हुए भावनपुर, मवाना, परीक्षितगढ़, मेडिकल, गंगानगर, दौराला, हस्तीनपुर थाने की पुलिस, क्यूआरटी, फायर ब्रिगेड, एसएसपी आदि मौके पर पहुंच गए।
माैके पर माैजूद अधिकारी
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काफी देर तक हंगामा जारी रहा। करीब 1.30 बजे शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया। पीड़ित जयभगवान का कहना है कि उनके पोते की रंजिशन हत्या की गई है। शाम 4 बजे तक गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इस घटना में आरोपी सुमन, उसका पति टीटू और बेटी टीना पुलिस की गिरफ्त में हैं।