संभागीय परिवहन कार्यालय के 16 सितंबर से 21 अक्तूबर तक नई सीरीज में रजिस्टर्ड हुए वाहनों पर नजर डाले तो 35 दिन के भीतर मेरठ में किसानों ने कृषि कार्य के लिए 228 ट्रैक्टर खरीदकर रजिस्ट्रेशन कराए हैं। जबकि डीजल चालित कारों की बिक्री आंकड़ा 263 पर ही ठहर गया है। ट्रैक्टर और डीजल चालित कारों की बिक्री के बीच का अंतर महज 35 वाहनों का रह गया है।
पुराने ट्रैक्टरों को स्क्रैप किया जाना है कारण
एनजीटी और न्यायालय के आदेशानुसार 10 साल पुराने डीजल चालित वाहनों को स्क्रैप किया जाना है। किसानों के पास भी बड़ी संख्या में पुराने ट्रैक्टर हैं। जिनको स्क्रैप कराया जा रहा है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए किसानों ने इस बार ट्रैक्टरों की अधिक खरीद की है।
ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशनों की संख्या बता रही है कि इस बार किसानों ने अधिक खरीद की है। डीजल कारों की संख्या कम हो रही है। लोग पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ रहे हैं। जो पर्यावरण के लिए अच्छा है। - विकास कुमार यादव, एआरटीओ प्रशासन।