13 साल की कक्षा 7 में पढ़ने वाली मासूम बेटी अपनी मां की हत्या की चश्मदीद गवाह है। बेटी ने न्यायालय को बताया कि उसकी मां को उसके पिता आमिर, ताऊ नदीम, फिरोज, दादा जान मोहम्मद, दादी जर्करूननिशा ने मिलकर लात-घूंसों से पीटा और फिर इन सभी ने मिलकर कपड़े से गला घोंटकर मार दिया। इस मुकदमे के 11 गवाहों के बयान हो चुके हैं। न्यायालय में पत्रावली घटना की अंतिम विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारी के बयानों के लिए पिछली 19 तारीखों से इंतजार कर रही है। अदालत ने अब विवेचक एसआई संजय वर्मा की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं।
साढ़े तीन साल पहले लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की समर कॉलोनी के रहने वाले शफीकुद्दीन ने थाना लिसाड़ी गेट में एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी बेटी नसरीन की शादी 2011 में हुमायूंनगर के रहने वाले जान मोहम्मद के पुत्र आमिर खान से हुई थी। शादी के बाद से उसकी ससुराल वाले दहेज की मांग करते आ रहे थे। परंतु बेटी बर्दाश्त करती रही।
26 नवंबर 2022 को आमिर ने उसके बेटे साकिब को फोन पर बताया कि नसरीन की तबीयत खराब है। जब वह पत्नी रईसा और बेटे साकिब के साथ आमिर के घर पहुंचे तो नसरीन की मौत हो चुकी थी और उसे दफना दिया गया था। उन्हें जब पता चला कि उसकी बेटी के साथ मारपीट कर हत्या की गई है तो पुलिस में शिकायत की। पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ कि गले में सांस लेने की नली वाली हड्डी टूटी हुई है।
थाना लिसाड़ी गेट में पति सहित सास-ससुर व दोनों जेठों के खिलाफ हत्या और दहेज की मांग का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने जांच करते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। न्यायालय में सुनवाई हुई और मृतका की पुत्री, पिता, भाई, मां, पंचनामे के गवाह, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सहित 11 लोगों की गवाही हो चुकी है।
मुख्य रूप से हत्या को देखने वाली 13 साल की मासूम बेटी के बयान दर्ज हुए। उसने अपने सामने अपनी मां की हत्या करने की जानकारी दी। उसने न्यायालय में अपने पिता को देखकर कहा कि इसने ही मेरी मां को मारा था। न्यायालय में इस घटना के विवेचक रहे एसआई संजय वर्मा के बयान होने हैं। परंतु पिछली 19 तारीखें लगने के बावजूद बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे हैं। जिसके चलते न्यायालय अपर जिला जज एफटीसी में पत्रावली विवेचक की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस की लचर कार्रवाई के चलते उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। एसआई संजय वर्मा वर्तमान में बुलंदशहर में पुलिस लाइन में तैनात हैं।
ये भी देखें...
Meerut: बोर्ड बैठक से विकास के मुद्दे गायब, मेले के नाम को लेकर बखेड़ा, विधायक अतुल प्रधान और भाजपाई उलझे