होटल हारमनी के कैसीनो प्रकरण में एसीजेएम प्रथम नदीम अनवर ने अविलंब प्रथम तल पर लगी सील खोलने का आदेश दिया। बरामद किए गए मोबाइल और अन्य वस्तुओं को रिलीज करने की अर्जी पर विवेचक सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी को 23 दिसंबर को तलब किया है। वहीं, डीवीआर रिलीज करने की मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में कुछ दिन पहले अर्जी दी थी, जिसमें कहा था कि पुलिस ने मौके से करीब आठ डीवीआर, सात मोबाइल, एक सर्वर, दो सीपीयू और नकदी बरामद की थी, जिसको रिलीज कराया जाए। अर्जी पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी से पूरे प्रकरण में रिपोर्ट मांगी गई।
कोर्ट ने शुक्रवार को अपना आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि डीवीआर पुलिस के कब्जे में रहेगी, जिसको रिलीज नहीं किया जाएगा। सीओ को तलब करते हुए मुकदमे में की गई कार्रवाई और फर्द के साथ रिपोर्ट मांगी है। जो भी मौके पर हुआ था, उस कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है।
हारमनी इन होटल में 21 अक्तूबर को एसएसपी के आदेश पर एसपी सिटी की टीम ने कैसीनो पकड़ा था। मुकदमे में शास्त्रीनगर निवासी होटल स्वामी भाजपा नेता नवीन अरोड़ा, राकेश सहगल निवासी वेस्टर्न कचहरी रोड (धागा कारोबारी), मोहित टंडन निवासी जागृति विहार (हैंडलूम व्यापारी), गौरव कंसल निवासी वेस्टर्न कचहरी रोड (स्पेयर पार्ट्स कारोबारी), राजकुमार निवासी बेगमबाग (हैंडलूम कारोबारी), राजीव गुलाटी निवासी बेगम बाग (कपड़ा कारोबारी), संजय अरोड़ा निवासी शास्त्री नगर (अधिवक्ता इनकम टैक्स विभाग), देवेंद्र पाल सेठी निवासी सिविल लाइन (फल आढ़ती), होटल के पार्टनर राजेश मिगलानी, राजेश जुनेजा, अशोक तनेजा, अमित चांदना के साथ मैनेजर आदिल खान व रजत सिंह और हिमांशु के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने आठ आरोपी नवीन अरोड़ा, राजीव, राजकुमार, राकेश, संजय, मोहित, देवेंद्र और गौरव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी। पुलिस ने होटल मैनेजर आदिल खान को बाद में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। उसे भी अंतरिम जमानत मिल गई थी।