संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा आप के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी को पांच करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया गया। अंकुश चौधरी ने राज्यमंत्री पर कार्रवाई की मांग करते हुए अधिकारियों को पत्र लिखा था। प्रकरण की जांच कराने के लिए उन्होंने कहा कि आप यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ने को तैयार है और मेरठ में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अंकुश चौधरी ने बताया कि दलितों की जमीन खरीदने के लिए डीएम की अनुमति तभी मिलती है, जब विक्रेता गंभीर बीमारी से पीड़ित हो या विस्थापित हो रहा हो, लेकिन इस मामले में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 47 लोगों को महज तीन दिनों में अनुमति दी गई। 13 सितंबर 2024 को सभी 47 जमीनों के बैनामे मंत्री के नाम एक ही दिन में कर दिए गए।
आरोप है कि यह जमीन उसी क्षेत्र में है जहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप का शिलान्यास किया था, जिसकी जानकारी मंत्री को पहले से थी। आप नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि इतने लोग गंभीर रूप से बीमार थे तो मंत्री व प्रशासन ने उनकी मदद क्यों नहीं की है। गांव में महामारी थी तो क्या अभियान चलाया गया। अंकुश चौधरी ने कहा कि वह मानहानि के नोटिस से डरने वाले नहीं हैं।
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