सरधना नगर के मोहल्ला घोसियान निवासी सना के दोनों बच्चों को पाकिस्तान भेज दिया गया है। जबकि सना को अटारी बॉर्डर से वापस उसके मायके भेज दिया है। कई दिनों की जद्दोजहद के बाद आखिर सना को अकेले ही बच्चों को वापस पाकिस्तान भेजना पड़ा।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सार्क वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को वापस लौटने के निर्देश जारी किए थे। वहीं, नगर के मोहल्ला घोसियान निवासी सना पुत्री शेरद्दीन 45 दिन के वीजा पर पाकिस्तान से अपने दो बच्चों के साथ मायके आई हुई थी। सना भारतीय वीजा होने के चलते पाकिस्तान के कराची स्थित ससुराल वापस नहीं लौट पाई। जबकि सोमवार को उसने दोनों बच्चों को वाघा बॉर्डर पर ससुरालियों को सौंप दिया गया।
इसके बाद वह परिजनों के साथ मायके सरधना वापस आ गई। इससे पूर्व भी सना अपने बच्चों के साथ गत माह अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान जाने के लिए आई थी। लेकिन सना का पासपोर्ट पाकिस्तानी न होने की वजह से उसे वापस नहीं भेजा गया था, जबकि उसके दोनों बच्चों का पाकिस्तानी पासपोर्ट होने की वजह से जाने की अनुमति दी गई थी। बच्चे छोटे होने पर वाघा बॉर्डर तक पिता के पास छोड़ने की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली थी।
इसके बाद सना बच्चों को लेकर वापस सरधना अपने मायके आ गई थी। लेकिन प्रशासन के दबाव के चलते सोमवार को सना मायके से परिजनों के साथ दोनों बच्चों को लेकर पहुंची। इसके बाद कागजी कार्रवाई के बाद सना दोनों बच्चों को पति बिलाल को सुपुर्द कर वापस मायके आ गई।
सना ने बताया कि उसके बच्चों का अभी करीब 27 दिन का वीजा बचा हुआ था। परिजनों ने बताया कि गृहमंत्रायल में सना ने भी ससुराल जाने की अर्जी लगाई हुई है। उसे जल्द बच्चों के पास जाने की उम्मीद है।
पांच साल पहले हुई बुआ के बेटे के साथ हुआ था निकाह
मोहल्ला घोसियान निवासी शेरद्दीन दूध की डेयरी करते हैं। शेरद्दीन की बहन इद्दो पाकिस्तान के कराची में रहती है। 2020 में शेरद्दीन ने अपनी बेटी सना का निकाह इद्दो के बेटे बिलाल से किया था। निकाह के बाद वह 2022 में पहली बार एक महीना के वीजा पर भारत आई थी। इसके बाद वह दूसरी बार 14 अप्रैल को 45 दिन के वीजा पर दोनों बच्चों समेत परिवार में हुई शादी समारोह में शामिल होने के लिए आई थी। लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को वापस जाने के निर्देश थे।
करीब 50 साल पहले बुआ इद्दो का पाकिस्तान में हुआ था निकाह
मोहल्ला घोसियान निवासी सुफियान ने बताया कि पाकिस्तान में बंटवारे से पहले ही उसके रिश्तेदार रहते हैं। करीब 50 साल पहले उसकी बुआ इद्दो का निकाह हुआ था।