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IPL 2026: चमका मेरठ का सितारा, आरसीबी के सिर सजा जीत का ताज, भुवनेश्वर बने जीत के सबसे बड़े हीरो

Mon, 01 Jun 2026 10:55 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

आईपीएल फाइनल में मेरठ के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए आरसीबी की जीत में अहम भूमिका निभाई। पूरे सत्र में 28 विकेट लेकर वह सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे।
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भुवनेश्वर कुमार - फोटो : ANI
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विस्तार
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रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू की खिताबी जीत में मेरठ के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार सबसे बड़े नायकों में शामिल रहे। फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी और अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने अपने चार ओवर में केवल 29 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट झटके और टीम की जीत की मजबूत नींव रखी।

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गुजरात की टीम जब तेजी से रन गति बढ़ाने का प्रयास कर रही थी, तब भुवनेश्वर कुमार ने लगातार कसी हुई गेंदबाजी कर दबाव बनाया। उनकी स्विंग और नियंत्रण ने बल्लेबाजों को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और मुकाबले का रुख बंगलूरू की ओर मोड़ दिया।

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पूरे सत्र में रहे सबसे भरोसेमंद गेंदबाज
भुवनेश्वर कुमार पूरे सत्र में बंगलूरू के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज साबित हुए। नई गेंद से लगातार शुरुआती सफलताएं दिलाने के साथ उन्होंने अंतिम ओवरों में भी बेहद किफायती गेंदबाजी की। प्रतियोगिता में उन्होंने कुल 28 विकेट हासिल किए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। पर्पल कैप उनसे केवल एक विकेट दूर रह गई। उनकी लगातार शानदार गेंदबाजी ने बंगलूरू को पूरे सत्र में मजबूती दी और खिताब तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

कई मुकाबलों में पलटा मैच का रुख
सत्र के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में निर्णायक प्रदर्शन किया। नई गेंद से विकेट निकालने की उनकी क्षमता और दबाव की परिस्थितियों में शांत रहने का स्वभाव टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ। क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी उनकी स्विंग और नियंत्रण की जमकर सराहना की। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी उनकी विशेष गेंदबाजी तकनीक और सीम नियंत्रण को इस सत्र की बड़ी ताकत बताया।
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उम्र केवल आंकड़ा, अनुभव बना सबसे बड़ा हथियार
36 वर्ष की उम्र में भी भुवनेश्वर कुमार ने साबित कर दिया कि अनुभव, अनुशासन और सटीक लाइन-लेंथ के दम पर किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को परेशान किया जा सकता है।

मेरठ के इस तेज गेंदबाज ने पूरे सत्र में अपनी गेंदबाजी से अलग पहचान बनाई और खिताबी अभियान में अहम भूमिका निभाकर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों के असली खिलाड़ी वही होते हैं जो दबाव में सबसे बेहतर प्रदर्शन करें। आरसीबी की इस ऐतिहासिक सफलता में उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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