मेरठ की किनोनी शुगर मिल पर किसानों का करीब 350 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। 35 हजार से अधिक किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। भुगतान न होने पर किसान आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
बजाज की किनोनी मिल पर किसानों का 60 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य बकाया है। इस मिल पर किसानों का लगभग 350 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उनकी सुनी नहीं जा रही हैै।
विज्ञापन
मेरठ में लगभग 1.52 लाख हेक्टेयर में गन्ने की फसल होती है। यहां दो लाख से अधिक गन्ना किसान हैं और ये सभी किसान इन मिलों से जुड़े हुए हैं। मेरठ में छह मिल हैं जिनमें किनोनी मिल, दौराला मिल, सकोती मिल, मोहिउद्दीनपुर, नंगलामल मिल और मवाना मिल हैं। इसमें तीन मिल मवाना मिल, नंगलामल मिल और दौराला मिल संपूर्ण भुगतान कर चुकी हैं।
सकोती मिल 97 प्रतिशत और मोहिउद्दीनपुर मिल लगभग 90 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। इनमें जो अभी तक 50 प्रतिशत तक भी भुगतान नहीं कर पाई है वह है किनोनी मिल। किनोनी मिल अभी तक मात्र 38 प्रतिशत के आसपास ही भुगतान कर पाई है। मिल से जुड़े किसान भी भुगतान न होने के कारण परेशान हैं।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि मिल पर लगभग 350 करोड़ रुपये बकाया है। मिल से 40 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। ऐसे में भुगतान में देरी के कारण लोग परेशान हैं उनके बच्चों की फीस तक समय पर जमा नहीं हो पा रही है। पारिवारिक कार्यक्रम समय पर नहीं हो रहे हैं। अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो जल्द आंदोलन होगा। जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल ने बताया कि किनोनी मिल को बकाया भुगतान कराने को नोटिस जारी किया गया है।