नामजद और गिरफ्तार आरोपी
इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक ने बताया कि डॉ. योगेंद्र पंवार निवासी बड़ौत, अमित निवासी नई बस्ती, सोनू निवासी बड़ौत, सतीश निवासी ग्राम लिसाड़ी, मुकेश निवासी मोहिउद्दीनपुर, अल्ट्रासाउंड करने वाली महिला भारती, श्रवण अस्पताल के संचालक सुभाष निवासी डिंढाला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश : डॉ. सुभाष
बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान का कहना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। जहां छापेमारी हुई है। उस जगह से मेरा कोई लेना देना नहीं है। मेरा अस्पताल अलग है। उसमें कुछ नहीं हुआ है। तहरीर बदलकर मेरा नाम दोबारा जोड़ा गया है।
यह है मुखबिर योजना
एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करता है। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर की तलाश करने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी। उसे एक लाख रुपये दिए जाते हैं। महिला के साथ जाने वाले सहयोगी को 40 हजार रुपये दिए जाते हैं।
पांच साल तक की सजा
दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों को समान कैद और जुर्माना हो सकता है।
हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत
मुखबिर योजना पर फिर से काम किया जा रहा है। सूचना मिलने पर छापामारी की जाएगी। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। मेरठ के मुकाबले हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत है, इसलिए वह इस तरह के खुलासे कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण हत्या रोकने के मकसद से किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन के लिए मुखबिर नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन एक जुलाई 2017 से लागू हो चुकी शासन की मुखबिर योजना मेरठ में सोनीपत के स्वास्थ्य विभाग की टीम परवान चढ़ा रही है। पिछले छह माह में सोनीपत की टीम ने ही यहां आकर स्टिंग कर भ्रूण लिंग परीक्षण का खुुलासा कराया है। इससे पहले मोदीपुरम और लिसाड़ी गेट क्षेत्र में खुलासा कराया गया था।
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