पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन मेरठ ने एडीजी को ज्ञापन देकर बताया कि गाजियाबाद में एक जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। अधिवक्ताओं ने विरोध किया तो जिला जज गाजियाबाद ने पुलिस को बुलाकर निहत्थे वकीलों पर लाठीचार्ज करवा दिया। इसमें कई वकील गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोप है कि न्यायिक अधिकारियों ने पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर सुनियोजित रूप से इस घटना को कराया। वकीलों ने मांग की, कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई जाए, एसआईटी गठित कर इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए। वकीलों ने बताया कि एडीजी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एडीजी से मिलने वाले अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल में वीके शर्मा, राम कुमार शर्मा, विनोद काज़ीपुर, अशोक पंडित, जगदीश प्रसाद, अरविंद शर्मा, सल्लाउद्दीन, रवि कुमार, आलोक कुमार, यशोदा यादव, देवेंद्र शर्मा, राजीव गोयल, विनोद गुर्जर, सूर्यांश, आलोक, ज्योति, अर्जुन, अनुराग, दानिश, अमन आदि शामिल रहे।