एक्यूआई 314 पहुंचने का क्या है मतलब?
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI हवा में प्रदूषण के स्तर को बताता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की निर्धारित श्रेणियों के अनुसार, 301 से 400 के बीच AQI को बहुत खराब माना जाता है। मेरठ का 314 तक पहुंचना बताता है कि शहर की हवा स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय बन गई है।
ऐसी हवा में लंबे समय तक रहने से सांस लेने में परेशानी, खांसी और गले में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के साथ बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचना और स्थानीय वायु गुणवत्ता संबंधी अपडेट पर नजर रखना उपयोगी रहेगा।
प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों पर सवाल
दीपावली से पहले हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बीच प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना अहम है। सड़कों की धूल नियंत्रित करने, निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन कराने, खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी जैसे कदम प्रदूषण कम करने में मदद कर सकते हैं।
मेरठ में AQI 314 दर्ज होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने चुनौती बढ़ गई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय कितनी प्रभावी तरह से लागू होते हैं और दीपावली के आसपास हवा की गुणवत्ता में कितना बदलाव आता है।