महायोजना 2021 करीब 500 वर्ग किमी. की थी। अब महायोजना-2031 बढ़कर 1043 वर्ग किमी. की हो गई है। पूरे क्षेत्र को 24 जोन में बांटकर जोनल प्लान तैयार होगा। दिल्ली रोड, रुड़की रोड को रैपिड कॉरिडोर के तहत विकसित किया जा रहा है।
रैपिड रेल के सुनियोजित ढांचागत विकास के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी बनी है। इसके तहत परतापुर-भूड़बराल में यह 288.79 हेक्टेयर और मोदीपुरम में 457.06 हेक्टेयर में स्पेशल डेवलपमेंट एरिया (एसडीए) है। एनसीआरटीसी की ओर से टीओडी के तहत नौ जोन का प्लान बनाया है।
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि शासन में हाल ही में एनसीआरटीसी की ओर से जोनल प्लान का प्रजेंटेशन दिया गया था। इसमें चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर ने कुछ सुधार के निर्देश दिए थे। इन सुधारों को समाहित कर शुक्रवार को प्राधिकरण सभागार में प्रजेंटेशन दिया गया। उन्होंने बताया कि महायोजना में रैपिड कॉरिडोर में 9 जोन हैं। एनसीआरटीसी ने इसे दस जोन में बांट दिया था।
ये है टीओडी पॉलिसी
आरआरटीएस कॉरिडोर के डेढ़ किमी. की परिधि और आरआरटीएस स्टेशन के 500 मीटर दोनों ओर का क्षेत्र इसके अंतर्गत आएगा।
परतापुर व मोदीपुरम दोनों छोर पर एसडीए होगा, जबकि स्टेशन पर इंफ्लुएंस जोन (आईजेड) होंगे। इन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़वा दिया गया है। मिश्रित भू-उपयोग के अंतर्गत काम होंगे।
ये हैं टीओडी के जोन
जोन-1 : 179 हेक्टेयर
जोन-2 : 324 हेक्टेयर
जोन-3 : 397 हेक्टेयर
जोन-4 : 423 हेक्टेयर
जोन-5 : 344 हेक्टेयर
जोन-6 : 553 हेक्टेयर
जोन-7 : 222 हेक्टेयर
एसडीए मेरठ साउथ : 458 हेक्टेयर
एसडीए मोदीपुरम : 373 हेक्टेयर
टाउनशिप में होंगे मकान दुकान, फैक्टरी
टाउनशिप में नीचे दुकान, कार्यालय, शोरूम और ऊपरी तल पर रिहाइश हो जाएगी। मेडा स्वयं और निजी निवेशकों के जरिए टाउनिशप को विकसित करेगा। इंटीग्रेटेड टाउनशिप में आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षिक, ग्रुप हाउसिंग, अस्पताल, हेल्थ क्लब आदि के लिए प्लॉट होंगे। इसमें फ्लैटेड फैक्टरी, आईटी सेक्टर आदि भी होंगे। इनमें उच्च आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग, अल्प आय वर्ग और दुर्बल आय वर्ग के लिए मकान और प्लॉट होंगे।