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Meerut Rain: सड़कें बनीं तालाब, घर-दफ्तरों में घुसा पानी, दो दिन की बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल

Thu, 09 Jul 2026 10:32 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में लगातार दूसरे दिन हुई भारी बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। घरों, सरकारी दफ्तरों और सड़कों पर पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। बुधवार शाम तक 44.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

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बारिश में सड़कें बनीं तालाब - फोटो : फाइल
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विस्तार
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लगातार दूसरे दिन हुई झमाझम बारिश ने मेरठ शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। बुधवार को शास्त्रीनगर, बच्चा पार्क, थापरनगर, जाकिर कॉलोनी, खैरनगर, कोटला बाजार समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई कॉलोनियों और लोगों के घरों में पानी घुस गया, जबकि नगर निगम और मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के कार्यालय भी जलमग्न हो गए। सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माणाधीन सड़कों पर कीचड़ और जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। हालात बिगड़ने पर नगर निगम के अधिकारी और महापौर हरिकांत अहलूवालिया को सड़क पर उतरना पड़ा।

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बारिश के कारण शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नगर निगम और मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यालयों में भी पानी भर गया, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। कई इलाकों में लोगों के घरों में भी पानी घुस गया और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़कें बनीं मुसीबत
सीएम ग्रिड योजना के तहत वेस्टर्न कचहरी रोड, गढ़ रोड, मेट्रो प्लाजा के सामने भूमिया पुल मार्ग, शारदा रोड समेत आठ स्थानों पर सड़क और नाला निर्माण कार्य चल रहा है। बारिश के कारण इन मार्गों पर कीचड़ और जलभराव हो गया। कई जगह नाले सड़क से करीब डेढ़ फीट ऊंचे होने के कारण गलियों का पानी मुख्य नालों तक नहीं पहुंच सका। इससे लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की।

शिवनगर में नाला उफनाया, गलियों में भरा पानी
मोदीपुरम। मोदीपुरम स्थित शिवनगर कॉलोनी में भी नाला ओवरफ्लो होने से गलियों में जलभराव हो गया। कृपा मंदिर के राजीव गुप्ता ने बताया कि कॉलोनी में स्थित इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि करीब 14 वर्षों से तालाब की सफाई नहीं हुई है, जिससे उसमें गाद भर गई है। बारिश के दौरान नाले का पानी गलियों में भर जाता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। 

मौसम हुआ सुहावना : बारिश के चलते मौसम भी सुहावना हो गया। बुधवार को 44.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक 116.2 मिमी बारिश हो चुकी है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले 48 घंटे तक बारिश की संभावना है। 

नगर निगम के खिलाफ लोगों में नाराजगी
शहरवासियों ने जलभराव के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन नालों की समय पर सफाई नहीं होती। दिल्ली रोड, ओडियन, आबूलेन समेत कई नाले ओवरफ्लो हो गए, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। 

महापौर ने किया निरीक्षण
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने नगर निगम अधिकारियों के साथ शहर के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने छिपी टैंक स्थित सीवर पंपिंग स्टेशन का मुआयना कर अधिकारियों को जनरेटर तैयार रखने और तीनों पंपों का 24 घंटे क्रमवार संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महापौर बच्चा पार्क और थापरनगर भी पहुंचे। वहां जलभराव पर उन्होंने अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी को तत्काल पानी निकालने के निर्देश दिए।

महापौर ने एल-ब्लॉक तिराहे से बिजली बंबा बाईपास तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग द्वारा बनाए जा रहे अधूरे नाले पर भी सवाल उठाए।  उन्होंने शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन के पास एनसीआरटीसी द्वारा बनाए गए नाले के निर्माण पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण दिल्ली रोड पर हर बारिश में जलभराव की समस्या होती है।

खैरनगर में दो से तीन फीट पानी, रैंप तोड़ना पड़ा
खैरनगर, कोटला बाजार और आसपास के इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। खैरनगर से घंटाघर और भूमिया पुल रोड तक पीडब्ल्यूडी की सड़क और कवर नाला परियोजना भी बारिश के सामने बेअसर साबित हुई। नाले ओवरफ्लो होने और पानी की निकासी बाधित होने पर नगर निगम को कई स्थानों पर कवर नालों के ऊपर बने रैंप तोड़ने पड़े, ताकि पानी की निकासी हो सके।

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मानसून की तेज बारिश ने मेरठ के नवनिर्मित एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों की निर्माण गुणवत्ता और ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते पानी सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया, जिसके कारण यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने और चढ़ने-उतरने के दौरान भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर जलभराव की वजह से जहां यात्रियों के फिसलने का खतरा बना रहा।

मेरठ से दिल्ली सराय काले खां तक 82 किलोमीटर लंबे रैपिड कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है। इनमें 21 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर बने 12 मेट्रो स्टेशनों से मेट्रो सेवा संचालित की जा रही है। मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी, डोरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम समेत सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर बुधवार की बारिश के दौरान यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जनता की शिकायतों पर अमर उजाला टीम ने मोदीपुरम से शताब्दीनगर तक मेट्रो से सफर किया। सुबह करीब 10:20 बजे बारिश शुरू हुई। इस दौरान यात्री एस्केलेटर से प्लेटफॉर्म की ओर जा रहे थे लेकिन प्लेटफॉर्म तक पहुंचने से पहले ही जाली से आती बारिश की तेज बौछारों ने उन्हें पूरी तरह भिगो दिया। प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद भी राहत नहीं मिली। पूरे प्लेटफॉर्म पर पानी फैला हुआ था। बारिश का पानी केवल प्लेटफॉर्म तक ही सीमित नहीं रहा। एलिवेटेड स्टेशनों से नीचे सड़क पर भी तेज धार के रूप में पानी गिरता रहा। इससे सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भी परेशानी हुई।  

यात्रियों ने उठाए सवाल
हालांकि कर्मचारी वाइपर से पानी हटाने में जुटे थे लेकिन लगातार बारिश के कारण पानी फिर भर जा रहा था। यही स्थिति मेरठ के अधिकांश एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों पर देखने को मिली। भरत विहार निवासी यतेंद्र सोलंकी और पल्लवपुरम फेस-1 निवासी अनीता ने बताया कि गर्मियों में खुले मेट्रो स्टेशन हवा के लिहाज से तो ठीक हैं लेकिन बारिश में यात्रियों को भीगना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीआरटीसी को बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने चाहिए।
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