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पश्चिम में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड, गेहूं की फसल के लिए 'रामबाण'

Tue, 22 Jan 2019 09:48 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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झमाझम बारिश से पश्चिम यूपी में ठंड बढ़ गई
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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार देररात झमाझम बारिश के साथ ओले भी गिरे। वहीं मंगलवार सुबह भी करीब दो घंटे तेज बारिश हुई। बारिश के साथ चली तेज हवाओं से तापमान में करीब छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अब तक पड़ी ठंड में मंगलवार का दिन सबसे सर्द रहा। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो दो दिन बारिश के आसार हैं और ठंड का असर 26 जनवरी तक रहेगा।

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वहीं बीते दो दिन में हुई बारिश ने रबी की फसल गेहूं, चना और मटर आदि के लिए रामबाण का काम किया है। लेकिन गन्ने की छिलाई बंद होने से शुगर मिलों में गन्ने की आपूर्ति गड़बड़ा गई है। मिलों के सामने नो केन की स्थिति पैदा हो गई है। मिल प्रबंधन का कहना है कि अगर मौसम साफ नहीं हुआ तो मिल के सामने बंदी की समस्या पैदा हो सकती है।
 
मंगलवार को हुई तेज बारिश ने खेतों को पानी से भर दिया। इससे गेहूं, चना, सरसों और मटर आदि फसलों को तो जैसे सोना मिल गया हो। लेकिन खेतों में पानी भरने से गन्ने की कटाई और छिलाई नहीं हो सकी। इसके चलते गन्ना सेंटरों पर गन्ना नहीं पहुंच पाया। मिल बंद न हो इसके लिए गेट का इंडेंट बढ़ाना पड़ सकता है। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने बताया कि किसानों को बारिश की जरूरत थी। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल खराब होने का खतरा पैदा हो गया था। बारिश से रबी की फसल को फायदा पहुंचा है। गन्ने की छिलाई बंद होने से आपूर्ति पर असर पड़ा है।

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ज्यादा बारिश से हो सकता है नुकसान 
कृषि विवि के मौसम विशेषज्ञ डॉ. यूपी शाही का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। लेकिन आलू और चने की फसल में पानी भरने के कारण नुकसान हो सकता है। हवा तेज चलने से सरसों की फसल खेत में गिर सकती है। अगर बारिश और अधिक होती है तो फसलों में नुकसान बढ़ सकता है। चना, आलू और सरसों की फसल से किसान पानी निकालने का प्रयास करें। 

बता दें कि सोमवार दोपहर शुरू हुई बारिश रुक रुककर रातभर होती रही। रात में बिजली की गड़गड़ाहट के बीच ओलावृष्टि भी हुई। सुबह आठ मौसम साफ हुआ, लेकिन कुछ ही देर में काली घटाओं ने अंधेरा कर दिया। इसके बाद करीब दो घंटे तेज बारिश हुई। देर शाम तक मौसम सर्द बना रहा। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 97 व न्यूनतम 87 प्रतिशत दर्ज की गई। मोदीपुरम कार्यालय पर बारिश 65.2 मिमी और मेरठ में 50.3 मिमी रिकार्ड की गई।

बीते 16 साल में बारिश का रिकार्ड  
वर्ष     बारिश 
2004        2.0 
2005        00 
2006        1.2  
2007        00  
2008        00      
2009        5.0  
2010        00  
2011      00  
2012      14.6  
2013      50  
2014      61.3  
2015      41.1  
2016      00  
2017      65.0  
2018      2.9  
2019      65.2  
नोट: बारिश मिमी रिकार्ड की गई।
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दो दिन में 11.7 डिग्री गिरा पारा  
रविवार को दिन और रात 40 साल में दूसरी बार सबसे गर्म रिकार्ड गए थे। वहीं मंगलवार अब तब पड़ी ठंड में तापमान सबसे कम रहा। बीते दो दिनों में तापमान में 11.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। 

वर्जन
पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी बना हुआ है। दो दिन तक हल्की बारिश के आसार हैं। तेज हवाएं चलेंगी और बदली छायी रहेगी। ठंड का असर 26 जनवरी तक रहेगा। बारिश में बुधवार रात से कमी आने के आसार हैं। - डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर

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