बिना ट्रेनिंग के मैदान में कर्मचारी
गृहकर बिलों के वितरण और समाधान के लिए निगम ने 90 अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती तो की लेकिन उन्हें उचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि जब लोग बिलों में सुधार के लिए जाते हैं, तो ये कर्मचारी समाधान करने में असमर्थ नजर आते हैं। पार्षद पंकज गोयल का कहना है कि यदि निगम केवल आपत्तियों का सही ढंग से निस्तारण कर दे तो निगम की आय 60 करोड़ से बढ़कर 200 करोड़ तक पहुंच सकती है लेकिन अधिकारी केवल खानापूर्ति में जुटे हैं।
गृहकर संबंधी आपत्तियों के निस्तारण के लिए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश हैं कि भवन स्वामियों की समस्याओं का तुरंत निराकरण करें। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - लवी त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त।