प्रियांशु जैन दीपावली के पर्व पर ही अहमदाबाद से मोदीपुरम अपने घर पर छुट्टी लेकर आया था। यहां पर भैया दूज का तिलक करने के बाद वापस चला गया। शादी की बात हुई तो अपनी मां से बोला कि पहले अच्छी नौकरी लग जाए, उसके बाद शादी कराऊंगा।
बहन के साथ प्रियांशु।
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मूल रूप से मेरठ बेगमबाग के रहने वाले पंकज जैन अपने परिवार के साथ पिछले कई साल से रुड़की रोड स्थित तिरुपति गार्डन कॉलोनी में रहते थे। बड़ी बेटी गीतिका जैन की शादी हो चुकी है। वह गुड़गांव में मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है। वह भी दीपावली पर घर आई हुई थी। भैयादूज का टीका करने के बाद बहन और उसकी मां ने प्रियांशु की शादी की बात छेड़ दी तो उसने कहा कि अभी करियर को सेट करना है। पहले अच्छी नौकरी लग जाए, उसके बाद शादी करूंगा। इतनी दूर पढ़ने के लिए गया हूं, अच्छी तरह पढ़ाई कर लूं और वहां पर अच्छी जॉब लग जाए। इसके बाद शादी पर फोकस करूंगा।
दीदी इंटरव्यू चल रहे हैं, सूट सिलवाने आया हूं
मौसा राजीव गोयल ने बताया कि प्रियांशु अपनी बहन गीतिका से लगभग हर रोज ही बात करता था। उसने फोन पर कहा कि दीदी अब मेरे इंटरव्यू शुरू हो गए हैं। कंपनियां आ रही हैं और मुझे एक अच्छा सूट सिलवाना है। जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन वह सूट सिलवाने के लिए अपना नाप देने गया था। तभी रास्ते में यह घटना हो गई।
मां को पता चला तो हो गई बेसुध
प्रियांशु की मौत की खबर जब उसकी मां रेनू को लगी तो वह चीख पड़ीं। उनकी आंखों से आंसू बहने शुरू हो गए। शरीर थर-थर कांपने लगा। पास पड़ोस के लोग सांत्वना दे रहे थे लेकिन रेनू जैन की हालत खराब थी।