इससे पहले योगेश वर्मा की दौराला थाने में हिस्ट्रीशीट खुली थी, हालांकि कुछ बाद में उसे बंद कर दिया गया था। बाद में फिर उसे खोला गया। योगेश वर्मा बसपा के टिकट पर हस्तिनापुर से 2002 में चुनाव लड़े थे।
2007 में बसपा ने फिर उसी सीट से उन्हें उतारा और वह चुनाव जीत गए। 2017 में उनकी पत्नी बसपा के टिकट पर महापौर का चुनाव जीती थीं। बाद में योगेश ने सपा का दामन थाम लिया। योगेश को 2022 में सपा ने हस्तिनापुर से टिकट दिया, मगर वह हार गए।