खरखौदा में तीन वर्ष पूर्व आठ महीने की गर्भवती पूनम की हत्या में दोषी पति विनोद उर्फ मुरली को एडीजे-1 अचल नारायण सकलानी की कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
खरखौदा के मोहल्ला तिहाई निवासी विनोद उर्फ मुरली की शादी वर्ष 2014 में हापुड़ के धौलाना क्षेत्र के सोलाना गांव की पूनम से हुई थी। विनोद शराब पीने का आदी था। परिवार को खर्च के लिए पैसे नहीं देता था। इस पर दंपती में अक्सर विवाद रहता था।
25 अप्रैल 2022 की सुबह करीब सात बजे विनोद ने पूनम की गर्दन पर दरांती से वार किया तो वह शोर मचाते हुए बाहर निकल आई और आंगन में गिर गई। विनोद उसकी गर्दन और शरीर पर दम तोड़ने तक वार करता रहा। मां को बचाने के लिए मासूम बेटा बबलू और बेटी रूबी चिल्लाते रहे लेकिन विनोद का दिल नहीं पसीजा। मासूम बच्चों के सामने विनोद ने पूनम को धारदार हथियार से काट डाला।
चीख-पुकार सुन विनोद का चचेरा भाई प्रेमपाल बचाव के लिए आया तो उस पर भी प्रहार कर दिया था। पूनम के साथ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद विनोद ने खून से सने कपड़ों में थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था। पूनम के पिता नेम सिंह ने उसके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 7 जून 2022 को विनोद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर विनोद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।