एनआईए व एटीएस ने नईम को पकड़ने के लिए बुधवार को रार्धना किठौर में छापा मारा था, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। नईम की तलाश गुरुवार को पुलिस ने बंद कर दी। वह खुद ही पुलिस के पास आकर सरेंडर करेगा, इस उम्मीद पर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। ग्रामीण बोले, गांव की पहले से बहुत बदनामी हो गई है। नईम जैसे आएगा तो पुलिस को बुला लिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक रार्धना, किठौर निवासी नईम ने सिंभावली हापुड़ के वैठ गांव के एक रिश्तेदार को पिस्टल दी थी। जिसको रिश्तेदार ने आईएसआई एजेंट को सौंपी थी। आईएसआई एजेंट हथियार सप्लायरों से कैसे जुड़ गया, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसी गंभीर है। एनआईए और एटीएस ने नईम की तलाश में बुधवार को रार्धना गांव में दबिश दी थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा था। एनआईए व एटीएस खाली हाथ लौटते समय मेरठ पुलिस को नईम का टास्क दे गई।
बता दें कि गुरुवार को मेरठ पुलिस ने नईम की तलाश में कोई दबिश नहीं दी। चर्चा है कि ग्रामीणों ने पुलिस को भरोसा दिया कि वह खुद ही नईम को पकड़कर दे देंगे। पुलिस गांव में दबिश देने न आए, क्योंकि रार्धना गांव पहले से बहुत बदनाम हो गया। यह बात पुलिस ने ग्रामीणों की मान ली। देर रात तक पुलिस के पास नईम नहीं पहुंचा। पुलिस इसी आस में बैठी कि नईम आएगा और वह उसको एनआईए को सौंप देंगे। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि नईम को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।