मेरठ के सोतीगंज में वाहनों के अवैध कटान की सूचना पर पुलिस और एसटीएफ ने कई कबाड़ियों के गोदामों पर छापा मारा। हाजी गल्ला के यहां पुराने पार्ट्स मिले और उनके बेटे को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
मेरठ के सोतीगंज में वाहनों के कटान की सूचना पर शुक्रवार को एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने हाजी गल्ला समेत कई कबाड़ियों के ठिकानों और गोदामों पर छापा मारा। हाजी गल्ला के गोदाम में कारों के पुराने एक्सल और पहिए मिले, जिन्हें पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में लिया।
विज्ञापन
उनके बेटे अलीम अली को पूछताछ के लिए सदर बाजार थाने ले जाया गया, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। पुलिस के मुताबिक, अन्य कबाड़ियों के गोदामों की भी जांच की गई, लेकिन वहां कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला। अधिकारियों ने वाहनों के अवैध कटान के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।
वाहनों के कटान की सूचना पर छापेमारी
एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के नेतृत्व में पुलिस टीम शुक्रवार को सोतीगंज बाजार पहुंची। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बाजार में कुछ कबाड़ी दोबारा वाहनों का कटान कर रहे हैं। इसी आधार पर हाजी गल्ला समेत कई कबाड़ियों के गोदामों और ठिकानों की जांच की गई।
विज्ञापन
हाजी गल्ला के गोदाम में कारों के पुराने एक्सल और पहिए मिले। पुलिस ने इन पार्ट्स को कब्जे में लेकर सदर बाजार थाने में जांच के लिए भेजा। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे कबाड़ियों के गोदाम भी चेक किए गए, लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला।
बेटे अलीम अली से पूछताछ, फिर छोड़ा
छापेमारी के दौरान हाजी गल्ला के बेटे अलीम अली को पूछताछ के लिए सदर बाजार थाने ले जाया गया। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार, अलीम ने बताया कि बरामद पार्ट्स करीब 15 साल पुराने वाहनों के हैं, जिन्हें नियमानुसार कटान के लिए लाया जाता है। उसने यह भी बताया कि कुछ पार्ट्स आग से क्षतिग्रस्त कारों के हैं।
हाजी गल्ला भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी पार्ट्स पुराने होने की बात कही। पुलिस ने सामान को कब्जे में लेकर पड़ताल की। एसपी सिटी के मुताबिक, पूछताछ के बाद अलीम अली को छोड़ दिया गया। बरामद पार्ट्स की जांच और उनके स्रोत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
कबाड़ियों ने जताया विरोध, ताले तोड़कर खुलवाए गोदाम
कार्रवाई की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में कबाड़ी मौके पर एकत्र हो गए और छापेमारी का विरोध किया। कुछ कबाड़ियों ने कहा कि उनके गोदाम लंबे समय से बंद हैं और उनके पास चाबियां नहीं हैं। इसके बाद हथौड़े से ताले तोड़कर गोदाम खोले गए और पुलिस की मौजूदगी में उनकी जांच की गई।
एसपी सिटी ने कहा कि वाहनों का अवैध कटान करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। सोतीगंज में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बंद कराया था बाजार
मेरठ के दिल्ली रोड पर स्थित सोतीगंज बाजार में पहले कोयले और पशुओं के चारे का कारोबार होता था। स्थानीय व्यापार के स्वरूप में 1980 के दशक के दौरान बदलाव आया और यहां पुराने वाहनों के पार्ट्स तथा ऑटोमोबाइल स्क्रैप का काम शुरू हुआ।
बाद में वाहन चोरी और उनके कटान से जुड़े मामलों को लेकर यह बाजार चर्चा में रहा। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी के कार्यकाल में सोतीगंज बाजार बंद कराया गया था। इस मुद्दे को पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने संसद में भी उठाया था। अब वाहनों के कटान की सूचना के बाद हुई ताजा कार्रवाई के बीच पुलिस ने ऐसे मामलों पर निगरानी जारी रखने की बात कही है।