सभी पूर्व सैनिकों ने एक आवाज में कहा कि अपने साथियों की शहादत का बदला लेने के लिए वे अपने प्राण भी न्यौछावर करने को तैयार हैं। पूर्व सैनिकों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले पैरा मिलिट्री के जवानों को भी शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।
इस दौरान सुनील चौधरी, एडवोकेट योगेंद्र सिंह मलिक, अरुण पाल आत्रेय, देवेन्द्र सिंह ढाका, हवलदार बलवंत सिंह, नवीन, हरेंद्र पंवार, सूबे वीरेंद्र मलिक, राज सिंह छोकर, मेघ चंद शर्मा, रण पाल सिंह आदि मौजूद रहे।