मेरठ साउथ से नमो भारत का अगला पड़ाव शताब्दीनगर है। इन दोनों स्टेशन के बीच परतापुर और रिठानी स्टेशन पर मेट्रो का ठहराव रहेगा। शताब्दीनगर तक मेट्रो का रूट तैयार है।
नमो भारत रैपिड रेल का संचालन मेरठ साउथ से आनंद विहार, न्यू अशोक नगर स्टेशन तक हो चुका है। अब मेट्रो ट्रेन को भी चलाने की तैयारी है। जल्द ही नमो भारत का ट्रायल प्रस्तावित है, जबकि परतापुर और रिठानी स्टेशन भी मेट्रो के लिए तैयार हो गए हैं। ट्रायल के पूरा होने के बाद शताब्दीनगर तक नमो भारत और मेट्रो ट्रेन के चलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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मेरठ साउथ से नमो भारत का शहर में अगला पड़ाव अब शताब्दीनगर है। इन दोनों स्टेशन के बीच परतापुर और रिठानी स्टेशन भी हैं, जहां मेट्रो का ठहराव रहेगा। अफसरों के मुताबिक शताब्दीनगर तक मेट्रो रेल का रूट तैयार हो गया है। फिनिशिंग का काम चल रहा है और बिजली के लिए अब शताब्दीनगर के रिसीविंग सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति भी शुरू हो गई है। अब नमो भारत के शताब्दीनगर तक ट्रायल के बाद नमो भारत और फिर मेट्रो का संचालन शुरू होगा।
दूसरी ओर दिल्ली तक नमो भारत का संचालन शुरू हो गया है। साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर तक सेक्शन की लंबाई लगभग 13 किमी है। इस सेक्शन में आनंद विहार और न्यू अशोक नगर दो आरआरटीएस स्टेशन हैं। अब यात्री 40 मिनट से भी कम समय में न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक आने लगे हैं। आनंद विहार स्टेशन से दो मेट्रो लाइन (ब्लू और पिंक), आनंद विहार रेलवे स्टेशन और दो आईएसबीटी- एक दिल्ली की तरफ और दूसरा उत्तर प्रदेश के कौशांबी की ओर जुड़ रहे हैं। इसी वजह से दैनिक यात्रियों की काफी भीड़ होती है। यहां से सबसे ज्यादा यात्री नमो भारत के लिए सवार हो रहे हैं।
रैपिड के ट्रैक पर ही दौड़ेगी मेट्रो
फरवरी-2024 में गुजरात के सावली में पहले मेरठ मेट्रो ट्रेन सेट का अनावरण किया गया था। इसे औपचारिक रूप से एनसीआरटीसी को सौंपा गया है। अब तक सात ट्रेन सेट दुहाई स्थित डिपो में पहुंच चुके हैं। वर्तमान में मेरठ मेट्रो के परिचालन के लिए ट्रेन परीक्षण और ट्रायल किए जा रहे हैं। इन ट्रेनों की डिज़ाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटे की है। 13 स्टेशनों के साथ मेरठ मेट्रो कॉरिडोर 23 किमी लंबा होगा। इसमें 18 किमी का खंड एलिवेटेड और पांच किमी का खंड भूमिगत होगा। मेरठ क्षेत्र में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों खंड पूरे हो चुके हैं। मेरठ मेट्रो स्टेशनों ने आकार लेना शुरू कर दिया है। मेरठ साउथ से आगे परतापुर, रिठानी और शताब्दी नगर स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
मेरठ में रैपिड के स्टेशन और स्टॉपेज
मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है, जिसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है और 5 किमी का सेक्शन भूमिगत है। मेरठ में कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें से 9 स्टेशन एलिवेटेड और 3 भूमिगत स्टेशन हैं। एक स्टेशन (डिपो स्टेशन) ग्राउंड लेवल पर होगा।
मेट्रो के स्टेशन और स्टॉपेज
मेरठ मेट्रो के स्टेशन हैं- मेरठ साउथ (एलिवेटेड), परतापुर (एलिवेटेड), रिठानी (एलिवेटेड), शताब्दी नगर (एलिवेटेड), ब्रह्मपुरी (एलिवेटेड), मेरठ सेंट्रल (भूमिगत), भैसाली (भूमिगत), बेगमपुल (भूमिगत), एमईएस कॉलोनी (एलिवेटेड), डौरली (एलिवेटेड), मेरठ नॉर्थ (एलिवेटेड), मोदीपुरम (एलिवेटेड), और मोदीपुरम डिपो (धरातल पर)।
रैपिड और मेट्रो के कॉमन स्टेशन और स्टॉपेज
मेरठ में मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर आरआरटीएस के साथ मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी, जहां पर लोग अपनी सुविधानुसार आगे जाने के लिए अपनी ट्रेन बदल सकेंगे। मेरठ के अन्य स्टेशनों पर सिर्फ मेट्रो सेवाएं ही उपलब्ध होंगी।