संसद परिसर में 31 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर परशुराम स्वाभिमान सेना ने थाना कंकरखेड़ा में शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भगवान श्रीराम के चित्र के कथित उपयोग से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
परशुराम स्वाभिमान सेना के क्षेत्रीय मंत्री मोंटी राजपूत ने थाना कंकरखेड़ा में दी गई शिकायत में कहा कि संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर एक सांकेतिक नाट्य प्रदर्शन किया गया। शिकायत के अनुसार, इस दौरान सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवान श्रीराम के चित्र का कथित रूप से ऐसा उपयोग किया गया, जिसे संगठन ने सनातन धर्म के करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन के समय लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी सांसद भी मौजूद थे।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज, समाचार रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार का विधि-विरुद्ध कृत्य या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित अपराध स्थापित होता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। इस दौरान राष्ट्रीय परशुराम परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. संजीव डोगरा, संजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।