पांच वर्षों से लगातार पिंक बुक में मेरठ-पानीपत रेल लाइन
मेरठ। इस बार भी रेलवे की पिंक बुक में मेरठ को कुछ नहीं हाथ लगा। वर्ष 2017 से पिंक बुक में मेरठ से पानीपत तक बनाई जाने वाली रेलवे लाइन को शामिल कर लिया जाता है लेकिन पांच वर्ष गुजर जाने केे बाद भी धरातल पर कार्य नहीं दिख रहा है। हालांकि, दो महीने पहले इस रेलवे लाइन के लिए डीपीआर तैयार होने का दावा रेल मंत्रालय की ओर से किया गया था। इस बार भी वर्ष 2022-23 की पिंक बुक में मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन को शामिल किया गया है। लेकिन कोई बजट पिंक बुक में साफ नहीं है। मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन 104 किमी है। इसे वाया दौराला होते हुए बनाया जाना प्रस्तावित है।
मेरठ-हस्तिनापुर का कोई जिक्र नहीं
एक तरफ सरकार धार्मिक और पौराणिक स्थलों को सर्किट बनाकर आगे बढ़ाने का दावा करती है। वहीं, दूसरी ओर मेरठ-हस्तिनापुर रेलवे लाइन का पिंक बुक में भी कोई जिक्र नहीं किया गया है। इससे साफ हो गया है कि इस बार भी मेरठ-हस्तिनापुर रेलवे लाइन का सपना टूट गया है।
पुराने ऊपरी सड़क पुल ही शामिल
मेरठ से सहारनपुर तक ऊपरी सड़क पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2020 के बजट में घोषणा किए गए पुलों को ही शामिल किया गया है। इन पर ही कार्य पूरा कराया जाएगा। इसमें मेरठ-हापुड़ रेलवे लाइन पर फाटक संख्या 52 पर ऊपरी सड़क पुल, मेरठ छावनी से सहारनपुर तक ऊपरी सड़क पुल का कार्य शामिल हैं।