गोवर्धन से की थी बृजवासियों की रक्षा
ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और इंसानी जिंदगियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था। श्रीकृष्ण ने इंद्र के घमंड को चूर कर गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। इस दिन लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन बनाते हैं। कुछ लोग गाय के गोबर से गोवर्धन का पर्वत मनाकर उसे पूजते हैं।
गोवर्धन पूजन मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - 11:43 से 12:26 बजे तक
विशेष मुहूर्त - शाम 7:43 से 8:52 बजे तक
ऐसे करें पूजन
सुबह ठकर स्नानादि करें। फिर शुभ मुहूर्त में गाय के गोबर से गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और साथ ही पशुधन यानी गाय, बछड़े आदि की आकृति भी बनाएं। इसके बाद धूप-दीप से विधिवत पूजा करें। भगवान कृष्ण को दुग्ध से स्नान कराने के बाद पूजन करें। इसके बाद अन्नकूट का भोग लगाएं और आरती करके चार परिक्रमा करें।