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सॉल्वर गैंग से जुड़े कई बड़े अफसर, अब सरकारी मशीनरी पर उठे सवाल, कैसे टूटेगा नेटवर्क

Thu, 24 Jan 2019 11:25 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सॉल्वर गैंग का सरगना कस्टम अधीक्षक गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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सॉल्वर गैंग के साथ पेपर लीक कराकर वसूली करने के खेल में कॉलेजों के प्राचार्य और अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। एसटीएफ का कहना है कि भर्ती की तिथि आते ही यह गैंग सक्रिय हो जाता था। परीक्षा केंद्र के लोगों से साठगांठ करके सरकारी परीक्षाओं में ये लोग सेंधमारी आसानी से कर लेते थे। अब एसटीएफ इस गैंग की कुंडली खंगालने में जुटी है। 

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नलकूप ऑपरेटर परीक्षा, शिक्षक भर्ती, पुलिस कंप्यूटर भर्ती और अन्य सरकारी विभागों द्वारा अधीनस्थ भर्ती करना चुनौती बन गया है। सॉल्वर गैंग ने परीक्षा करने वाले तंत्र को बुरी तरह मुश्किल में डाल दिया है। इस गैंग के सरगना बागपत के अरविंद राणा की भर्ती सेंटरों में भी सेटिंग है। सॉल्वर गैंग में कस्टम अधिकारी विजय तोमर उर्फ नीटू निवासी वाजिदपुर बागपत और इससे पहले प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी होने पर सरकारी मशीनरी पर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी अधिकारी भी सॉल्वर गैंग में शामिल हैं, तो निष्पक्ष भर्तियां कैसे हो पाएंगी। पुलिस ने भर्ती सेंटरों की भी जांच करने की रिपोर्ट शासन को भेजी है।

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बागपत और पानीपत में भी दबिश
अरविंद राणा का कई सालों से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में नेटवर्क फैला हुआ है। हर परीक्षा में पुलिस-प्रशासन को इसकी चिंता सताती है कि राणा गैंग सेंधमारी न कर दे। इसके बावजूद गैंग का नेटवर्क नहीं तोड़ा जा सका। गिरफ्तारियों के बाद कुछ उम्मीद जगी है। वहीं राणा गैंग के सदस्यों की तलाश में देर रात बागपत और पानीपत में दबिश दी गई।

बिहार में छिपा हो सकता है राणा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अरविंद राणा के बिहार में छिपे होने की जानकारी मिल रही है। एक टीम राणा की तलाश में बिहार रवाना हो गई है। पुलिस का दावा कि राणा गैंग के सदस्य मेरठ और बागपत समेत कई जनपदों में हैं, जिनकी तलाश शुरू कर दी है। 

कई अफसरों के बताए नाम
सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि सॉल्वर गैंग में सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। पकड़े गए आरोपी लगातार अधिकारियों के नाम बता रहे हैं। उनकी निशानदेही और पूछताछ के बाद कस्टम अधिकारी विजय को पकड़ा था। सॉल्वर गैंग का नेटवर्क कैसे टूटेगा, इसको लेकर पुलिस के आला अफसर भी गंभीर हैं। एसटीएफ जांच कर रही है। जेल भेजे आरोपियों से भी जानकारी की जा रही है।

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