अतुल प्रधान का कहना है कि लूट करने वाले डॉक्टरों की पैरवी में भाजपा नेता लगे हैं। चुनाव में इन्हीं डॉक्टरों से चंदा भी भाजपा नेता ही लेते हैं। गरीबों की जेब पर डाका डालने वाले डॉक्टरों के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। धरने स्थल पर फिर वेस्ट यूपी अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री रामकुमार शर्मा, रवि कुमार, सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, आदिल चौधरी, कार्यकर्ता संगीता राहुल, हिफजुर्रहमान अंसारी, एहतेशाम इलाही, राजदीप विकल, अंकित चौधरी, अनुज जावला मौजूद रहे।
‘मैं निजी संपत्ति देने को तैयार हूं’
अतुल प्रधान का आरोप है कि कोरोना काल से अब तक, यानी तीन सालों में अरबों रुपये की संपत्ति डॉक्टरों ने अर्जित कर ली। मैं अपनी पैतृक संपत्ति को छोड़कर सारी निजी संपत्ति सरकार को देने को तैयार हूं। मैं खुद प्रेसवार्ता करके अपनी निजी संपत्ति का एफिडेविड दूंगा। गरीब को लूटने वाले डॉक्टर अपनी तीन साल की संपत्ति सरकार को दे दें। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मेरी संपत्ति की जांच कराई है, डॉक्टरों की भी जांच कराएं।
भ्रष्टाचार और भू-माफिया बन गए मंत्री
बिना नाम लिए अतुल प्रधान ने कहा कि तेजगढ़ी पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाने वाले मंत्री की संपत्ति की जांच कराई जाए। जमीनों पर कब्जा कराया जा रहा है और मंत्री भ्रष्टाचार के साथ-साथ भू-माफिया बन गए हैं। मेरे द्वारा आमरण-अनशन के लगाए गए होर्डिंग प्रशासनिक अधिकारियों ने उतार दिए, जबकि भाजपा नेताओं के बड़े-बड़े होर्डिंग महानगर में हैं।
जन्मदिन पर सुंदर कांड का पाठ कराया
अतुल प्रधान ने बताया कि आज मेरा जन्मदिन है। सुबह नौ बजे से पहले धरना स्थल पर सुंदर कांड पाठ कराया, जिस पर भाजपा के एक नेता ने कटाक्ष किया है। मैं कहना चाहता हूं कि भगवान तो सबके हैं। मैं भगवान के नाम पर वोट नहीं मांगता हूं। मैंने अपने समर्थकों से कहा कि आमरण-अनशन पर बैठा हूं, तुम सब लोग गांव-गांव में जाकर जागरूक करो। गरीबों की लड़ाई में सब लोग भागीदारी निभाएंगे।
अधिवक्ताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपा
पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री राजकुमार शर्मा ने डीएम दीपक मीणा को ज्ञापन दिया। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते नर्सिंग होम/ ट्रामा सेंटर, गली मोहल्लों में खुलते जा रहे हैं, जहां मजबूर व असहाय बीमार जनता से बीमार का इलाज के नाम पर लूट की जा रही है। शिकायती पत्र में लिखा कि बिना मानचित्र पास कराए निजी अस्पताल का संचालन न हो, अग्निशमन यंत्र लगें, नर्सिंग होम प्रमाणित वैधानिक डाक्टरों को ही नर्सिंग होम चलाने की स्वीकृति दी जाए। जिला स्तर पर कमेटी बनाने की मांग भी की है, ताकि पीड़ित अपनी शिकायत नर्सिंग होम की कर सकें।
यह भी पढ़ें: मेरठ मर्डर केस: सामने आई चौंकाने वाली बात, जल्द खुलेगा ट्रांसपोर्टर के बेटे की हत्या का राज, खौफनाक थी वारदात
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि लोकल स्तर के मामले प्रशासन स्तर से निबटाए जा रहे हैं और बाकी मामले शासन स्तर को भेजे जाएंगे।