मेरठ आबू नाले पर टूटा पड़ा बिजली का खंभा।
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वेस्ट यूपी में बुधवार की रात आंधी बारिश से बृहस्पतिवार को भी जनजीवन प्रभावित रहा। मेरठ में एक की मौत व पांच घायल, बागपत में दो की मौत व 28 घायल हो गए। मृतकों की संख्या अब आठ हो गई है। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले चार साल में मई माह में सबसे अधिक बारिश हुई है। अब तक कुल 81 मिमी बारिश इस माह हुई है।
मेरठ में 150 और देहात में 1500 से अधिक खंभे टूटने, पेड़ गिरने से अधिकतर इलाकों में 20 घंटे बिजली गुल रही। पल्लवपुरम क्षेत्र में कजारिया शोरूम की दीवार गिरने से बिहार निवासी मजदूर मंसूर (32) की मौत हो गई।
सहारनपुर में बुधवार देर शाम आई आंधी से काफी नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ टूटकर विद्युत लाइन पर जा गिरे। इससे ट्रांसफार्मर फुंक गए और विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। बिजनौर जिले में आंधी बारिश से 345 विद्युत खंभे, 8 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। करीब 22 घंटे 35 फीडरों से जुड़े 216 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बागपत में पेड़ व खंभे टूटकर गिरने से मार्ग अवरुद्ध हुए। 430 पेड़ उखड़े व 510 खंभे टूटे, जिले में ब्लैक आउट रहा। महिला हुस्नबानो (40) सहित बच्ची रानी (7 माह) की मौत तो 28 घायल हो गए।
मुजफ्फरनगर ऊर्जा निगम का करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 425 खंभे गिर गए। बिजली आपूर्ति बहाल करने में कर्मचारियों के पसीने छूट गए। हजारों पेड़ भी आंधी में उखड़ गए।
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