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सीलिंग-ध्वस्तीकरण मामला: अधिकारियों से भिड़े व्यापारी, जवाबों से असंतुष्ट; 15 नवंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी

Wed, 21 Oct 2026 04:24 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में सीलिंग और सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के मुद्दे पर संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति की बैठक हुई। व्यापारी एमडीए अधिकारी के जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। रविंद्र गुर्जर ने 15 नवंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

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व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में संपत्तियों की सीलिंग और सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के मुद्दे पर व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति की ओर से हापुड़ रोड स्थित फेमस प्लाजा में आयोजित बैठक में व्यापारियों ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। व्यापारियों ने पूछा कि विभाग किस आधार पर कार्रवाई करेगा और संपत्तियों के वैध या अवैध होने का निर्धारण कैसे किया जा रहा है। बैठक में एमडीए की ओर से पहुंचे अधिकारी पवन कुमार शर्मा ने सवालों के जवाब दिए, लेकिन व्यापारी संतुष्ट नहीं हुए। समिति की मांग के बावजूद कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। इसके बाद रविंद्र गुर्जर ने 24 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर अब 15 नवंबर को बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।

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सीलिंग और ध्वस्तीकरण पर व्यापारियों ने उठाए सवाल
संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति की बैठक हापुड़ रोड स्थित फेमस प्लाजा में हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मेरठ में जोन-ए की 16 हजार से अधिक संपत्तियों की सीलिंग और सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के मुद्दे पर चर्चा की गई।

बैठक में व्यापारियों ने अधिकारियों से पूछा कि विभाग किन मानकों के आधार पर संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि संपत्तियों के वैध और अवैध होने का निर्धारण किस प्रक्रिया से किया जा रहा है। व्यापारियों ने कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की।

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एमडीए अधिकारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए व्यापारी
बैठक में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की ओर से अधिकारी पवन कुमार शर्मा पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों के सवालों का जवाब दिया, लेकिन व्यापारी उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। व्यापारियों का कहना था कि सीलिंग और ध्वस्तीकरण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।

समिति ने बैठक में आवास विकास के उच्चाधिकारी, एमडीए सचिव, एडीएम सिटी और एसपी सिटी को बुलाने की मांग की थी। हालांकि, ये अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। इस पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। बैठक के दौरान एएसपी दीक्षा भौरिया और एडीएम मौजूद रहीं।

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उच्चाधिकारियों के नहीं पहुंचने पर व्यापारियों में रोष
समिति की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी और समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकलने से व्यापारियों में रोष दिखाई दिया। व्यापारियों ने सीलिंग और ध्वस्तीकरण से संबंधित सवालों पर स्पष्ट जवाब और अधिकारियों के स्तर पर सुनवाई की मांग उठाई।

बैठक में व्यापारियों की ओर से यह मुद्दा भी उठाया गया कि कार्रवाई से प्रभावित होने वाली संपत्तियों के बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। संपत्तियों की वैधता तय करने के मानकों और विभाग की कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंता बनी हुई है।
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24 अक्टूबर के बजाय अब 15 नवंबर को होगा आंदोलन
बैठक में समस्याओं का समाधान नहीं निकलने और उच्चाधिकारियों के नहीं पहुंचने के बाद रविंद्र गुर्जर ने आंदोलन की तारीख बदलने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन अब 15 नवंबर को किया जाएगा।

रविंद्र गुर्जर ने एमडीए और आवास विकास के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 नवंबर से पहले व्यापारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है, तो अधिकारियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया जाएगा। समिति की बैठक के बाद सीलिंग और ध्वस्तीकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। व्यापारियों की मांग है कि कार्रवाई की प्रक्रिया और संपत्तियों की वैधता के मानकों को स्पष्ट किया जाए।
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