एमडीए अधिकारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए व्यापारी
बैठक में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की ओर से अधिकारी पवन कुमार शर्मा पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों के सवालों का जवाब दिया, लेकिन व्यापारी उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। व्यापारियों का कहना था कि सीलिंग और ध्वस्तीकरण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
समिति ने बैठक में आवास विकास के उच्चाधिकारी, एमडीए सचिव, एडीएम सिटी और एसपी सिटी को बुलाने की मांग की थी। हालांकि, ये अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। इस पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। बैठक के दौरान एएसपी दीक्षा भौरिया और एडीएम मौजूद रहीं।
यह भी पढ़ें: प्रमोद हत्याकांड: कातिल पत्नी का कबूलनामा, शराब में नशे की गोलियां मिलाईं, प्रेमी से कराई किसान पति की हत्या
उच्चाधिकारियों के नहीं पहुंचने पर व्यापारियों में रोष
समिति की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी और समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकलने से व्यापारियों में रोष दिखाई दिया। व्यापारियों ने सीलिंग और ध्वस्तीकरण से संबंधित सवालों पर स्पष्ट जवाब और अधिकारियों के स्तर पर सुनवाई की मांग उठाई।
बैठक में व्यापारियों की ओर से यह मुद्दा भी उठाया गया कि कार्रवाई से प्रभावित होने वाली संपत्तियों के बारे में स्पष्टता होनी चाहिए। संपत्तियों की वैधता तय करने के मानकों और विभाग की कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंता बनी हुई है।
24 अक्टूबर के बजाय अब 15 नवंबर को होगा आंदोलन
बैठक में समस्याओं का समाधान नहीं निकलने और उच्चाधिकारियों के नहीं पहुंचने के बाद रविंद्र गुर्जर ने आंदोलन की तारीख बदलने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन अब 15 नवंबर को किया जाएगा।
रविंद्र गुर्जर ने एमडीए और आवास विकास के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 नवंबर से पहले व्यापारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है, तो अधिकारियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया जाएगा। समिति की बैठक के बाद सीलिंग और ध्वस्तीकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। व्यापारियों की मांग है कि कार्रवाई की प्रक्रिया और संपत्तियों की वैधता के मानकों को स्पष्ट किया जाए।