ऐसा था अतीक का मेरठ कनेक्शन
अतीक की गुंडई प्रयागराज में तो चरम पर थी, लेकिन मेरठ से भी उसका बेहद करीबी कनेक्शन था। उसकी बहन आयशा नूरी की शादी मेरठ में हुई थी। इस वजह से उसका यहां पर खूब आना-जाना था। हाल ही में अतीक और उसके बेटे के फोटो भी मेरठ के कई लोगों के साथ वायरल हुए हैं, जिस तरीके से फोटो में दिखाई दे रहे थे उससे लग रहा था कि उनके बीच करीबी कनेक्शन है। अतीक और अशरफ की हत्या के बाद अब ऐसे लोगों के भी पसीने छूटे हुए हैं। उधर, उमेश पाल हत्याकांड के बाद न केवल अतीक का आतंक खत्म हुआ, बल्कि अखलाक के परिवार पर भी संकट आ गया है। अखलाक की बेटी का निकाह अतीक के बेटे असद के साथ होना था। असद की मौत को यह परिवार भूला भी नहीं पाया था कि अब अतीक की हत्या ने पूरे परिवार का हिलाकर रख दिया।
अब शूटर गुड्डू मुस्लिम के पीछे एसटीएफ
असद और गुलाम एनकाउंटर के बाद एसटीएफ अतीक और अशरफ को प्रयागराज लाने और ले जाने में व्यस्त हो गई थी। अब उनकी हत्या होने के बाद एसटीएफ के निशाने पर शूटर गुड्डू मुस्लिम की गिरफ्तारी है। शूटर गुड्डू मुस्लिम की भी मेरठ में लोकेशन मिली थी, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल रहा। मेरठ में कई बार एसटीएफ ने गुड्डू मुस्लिम की तलाश में कई जगह दबिश भी दी। चर्चा यह भी रही कि एसटीएफ के पहुंचने से पांच मिनट पहले ही वह फरार हो गया था।
आखिरी वक्त में अतीक की जुबान पर था गुड्डू मुस्लिम
पुलिस कस्टडी में मीडियाकर्मी अतीक से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक सवाल के जवाब में अतीक पांच लाख के इनामी शूटर गुड्डू मुस्लिम को लेकर बात कर रहा था। तभी बदमाश ने अतीक की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। इसके बाद तीनों बदमाशों ने अतीक और अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया।
अतीक प्रकरण में मेरठ के कई नेता ईडी के निशाने पर
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अर्श से फर्श पर आ गया था। प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद अब मेरठ के कई नेताओं के नाम संपत्ति के मामले में उभरकर सामने आ रहे हैं। जिस तरह ईडी ने प्रयागराज समेत अतीक के अन्य करीबियों के यहां छापेमारी की है, उससे मेरठ में भी कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मेरठ में भी माफिया अतीक की संपत्ति है। हालांकि वह कितनी है और किस जगह पर है कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा।
वर्ष 2004 में बसपा शासनकाल में अतीक अहमद फूलपुर से सांसद था। सत्ता में रहते हुए अतीक ने प्रयागराज के अलावा मेरठ में भी पैर जमाने शुरू कर दिए थे। उसने मेरठ के काजीपुर इलाके की करीब 70 एकड़ जमीन को अर्जन मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इस पत्र के बाद शासन ने अपनी योजना जागृति विहार एक्सटेंशन को दरकिनार करते हुए आवास-विकास की अधिग्रहीत जमीन को अर्जन मुक्त कर दिया था। इसके बाद उसने भू-माफिया और बिल्डरों के साथ मिलकर यहां की जमीनों पर अवैध कॉलोनियां बसा दी थी, जिससे शासन को भी बड़े राजस्व का नुकसान हुआ था।
सोशल मीडिया पर चलता रहा मैसेज
अतीक के साथ इन नेताओं के कनेक्शन का एक मैसेज दिन भर सोशल मीडिया पर वायरल होता है, जिसमें नेताओं के नामों को भी सार्वजनिक किया गया था। यह मेसेज खूब वायरल रहा। ऐसे में नेताओं में भी बेचैनी बनी रही। जिन नेताओं के नाम चल रहे है, उनमें एक सपा के हैं और दूसरे अब भाजपा में हैं।