बताया गया कि बुधवार रात अशोक ड्यूटी पर गया था, जो सुबह सात बजे खत्म होनी थी। बृहस्पतिवार सुबह मदारीपुर गांव निवासी सुरक्षाकर्मी कपिल कंट्रोल रूम पर ड्यूटी के लिए पहुंचा। वहां रेलवे ट्रैक के किनारे अशोक का शव पड़ा था, जिसके शरीर पर जगह-जगह घाव थे। कपिल ने आनन-फानन में कंपनी के अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया।
पत्नी बोली, पता होता तो ड्यूटी पर नहीं जाने देती
अशोक के परिवार में उसकी पत्नी बबली, बेटा अमन, बेटी अनु और निशा है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। अशोक की मौत के बाद उसकी पत्नी बिलखते हुए बार-बार कह रही थी कि अगर पता होता तो ड्यूटी पर नहीं जाने देती। अशोक के चचेरे भाई रविंद्र का कहना है कि उनके परिवार की किसी के साथ कोई रंजिश नहीं है।
यह भी पढ़ें: बसेगा न्यू मेरठ सिटी: रैपिड और हाईवे से सुगम होगा दिल्ली-नोएडा और गुड़गांव आना-जाना