यह स्थानीय असर
उमस भरी गर्मी का कारण ग्लोबल वार्मिंग के लोकल असर को माना जा रहा है। सितंबर माह का सामान्य तापमान अधिकतम 33.7 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, लेकिन यह 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान 24.2 होना चाहिए। लेकिन यह 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है।
हवा से मिली थोड़ी राहत
गुरुवार को दिन में हवा चलने से थोड़ी राहत रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री पहुंच गया था, जो गुरुवार को 3 डिग्री गिरकर 33.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह बादल छाए हुए थे। लेकिन दोपहर होते-होते बादल छंट गए।
बारिश न होने के कारण
- तालाब या तो गायब हो चुके हैं या सूख चुके हैं
- हरियाली कहीं-कहीं ही दिखाई दे रही है
- शहर के बाहरी इलाकों में जंगल खत्म हो रहे हैं
- बारिश के पानी का संचय नहीं किया जा रहा है
- वायु और जल प्रदूषण बेहिसाब बढ़ रहा है
पिछले 15 वर्षों का तापामान
अधिकतम तापमान
2005 32.9
2010 33.3
2015 34.6
2017 33.1
2018 32.1
2019 (11 सितंबर) 36.0
(12 सितंबर) 33.4
न्यूनतम तापमान
2005 24.1
2010 23.5
2015 23.7
2016 24.6
2017 23.8
2018 24.4
2019 25.4
(2 सितंबर से 11 सितंबर तक )
बढ़ता तापमान सही नहीं
मौसम पर प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले पंद्रह सालों की तुलना में इस बार सितंबर माह में गर्मी बहुत ज्यादा है। औसतन तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
- डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक
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