मानकों को ताक पर रखकर चल रहे न्यूटिमा अस्पताल के बेसमेंट में मंगलवार को सीलिंग की कार्रवाई टल गई थी। न्यूटिमा की ओर से हाइकोर्ट में मेडा की कार्रवाई को रोकने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। दिनभर न्यूटिमा अस्पताल की खबरें सोशल मीडिया पर छाई रहीं। अस्पताल से जुड़े चिकित्सक भी बयानबाजी करते रहे। वहीं देर शाम मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने स्पष्ट किया कि किसी तरह का कोई स्टे नहीं दिया गया है। हाइकोर्ट ने याचिका का निस्तारण किया है। इसके तहत विकास प्राधिकरण एक बार फिर से मामले को सुनेगा।
ये रहा घटनाक्रम
स्वीकृति के विरुद्ध निर्माण पर न्यूटिमा को 21 जनवरी 2016 को जारी किया गया नोटिस। 31 अप्रैल 2016 को शमन प्रार्थना पत्र अस्पताल की ओर से दिया गया, मगर शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर 3 मई 2016, 20 जुलाई 2016 व 20 अगस्त 2016 को भेजे गए रिमाइंडर नोटिस। लोअर व अपर बेसमेंट में पार्किंग का प्रावधान था लेकिन ओपीडी, मैनेजमेंट ऑफिस, पैथोलॉजी लैब आदि के रूप में किया जा रहा इस्तेमाल।पार्किंग स्थल में अन्य क्रियाओं पर 25 मई 2018, 22 अक्टूबर 2018 व 3 सितंबर 2021 को भी भेजे गए नोटिस।
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- 20 अक्टूबर 2021 को कमिश्नर ने अपील की निस्तारित, बेसमेंट में 40 प्रतिशत क्षेत्र में किए गए पार्टीशन आदि को हटाने के निर्देश दिए गए।
- 16 दिसंबर 2022 के अनुस्मारक में 14 नवंबर 2023 को भी बेसमेंट में अनाधिकृत निर्माण हटाने को दिए नोटिस।
- 5 दिसंबर को सीलिंग की कार्रवाई फोर्स न मिलने और सीएमओ द्वारा भर्ती मरीजों की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए दो सप्ताह का मांगा गया समय।