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मस्जिद में निर्णय: शादी में DJ पर डांस हुआ तो निकाह नहीं पढ़ाएंगे मौलाना, हल्दी-मेहंदी की रस्म का भी बहिष्कार

Sun, 12 Feb 2023 10:57 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में मुस्लिम समाज के लोगों ने यदि शादियों में डीजे बजाया तो मौलाना निकाह नहीं पढ़ेंगे।यहीं नहीं यदि हल्दी और मेहंदी की रस्म रखी गई तो भी निकाह पढ़ने से इनकार कर दिया जाएगा। आगे पढ़ें मौलानाओं ने क्या बड़े फैसले लिए।
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निकाह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में नगर की जामा मस्जिद में आयोजित हुए इस्लाहे मुशायरा में सराहनीय पहल की गईं। कस्बे के तमाम मौलाना इस मुशायरे में शामिल हुए और इस दौरान कई बड़े फैसले किए गए। इस दौरान मौलानाओं ने शादी में डीजे बजाने नाच-गाना करने और मेहंदी-हल्दी की रस्म का बायकाट करने की बात कहते हुए निकाह न पढ़ने की बात कही है।

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में लावड़ क्षेत्र में नगर की जामा मस्जिद में शुक्रवार देर रात इस्लाही मुशायरा कार्यक्रम में कस्बे के तमाम मौलाना पहुंचे। इस दौरान मौलाना ने शादी में डीजे बजाने, नाच-गाना करने और मेहंदी-हल्दी की रस्म करने पर निकाह नहीं पढ़ने की बात कही।  

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मुख्य अतिथि मौलाना अनीस अहमद आजाद दिल्ली में दीनी राह पर चलने की बात कहते हुए समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने की बात कही।  मौलाना अरशद कासमी ने बताया कि अब वह इमामों द्वारा बनाया गया सादा खत लिखवाएंगे।
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हल्दी-मेहंदी कलावा बांधने की रस्म नहीं की जाएगी। शादियों में डीजे बजाना, आतिशबाजी करना, बैंड बाजे पर नाच-गाना करने की बात सामने आती है, तो उनका निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। निकाह मस्जिद में ही पढ़ाया जाएगा। सभी ने फैसले पर सहमति जताई।

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