सांप्रदायिक बवाल का शिकार हुए शुभम के हत्या आरोपियों को जमानत मिलने के बाद खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। तीरगरान सांप्रदायिक बवाल की चर्चा दोनों समुदाय के लोगों में दोबारा होने लगी है।
स्थानीय लोगों द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस चौकी स्थापित करने और पीएसी तैनात करने की मांग पर मंगलवार को तीरगरान में पीएसी तैनात कर दी गई। वहीं, इस मामले को लेकर शासन ने इंटेलीजेंस से रिपोर्ट मांगी है।
कोतवाली क्षेत्र का तीरगरान सांप्रदायिक बवाल फिर से तूल न पकड़ ले, इसे लेकर खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। मंगलवार को खुफिया विभाग ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर माहौल की जानकारी ली।
बताया गया कि शुभम हत्याकांड के आरोपी जेल से छूटने के बाद तरह-तरह की चर्चाओं का दौर है। तीरगरान में धार्मिक स्थल में निर्माण पर दोनों समुदाय के लोगों ने फिर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर आपत्ति जताई है। इस मामले की जानकारी स्थानीय कोतवाली पुलिस को भी है।
हालात कैसे हैं, इसकी गोपनीय जानकारी खुफिया विभाग ने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत कर की है।
उधर, एसपी सिटी ओपी सिंह ने बताया कि कुछ राजनीति लोगों ने तीरगरान बवाल प्रकरण को देखते हुए पुलिस चौकी स्थापित करने और पीएसी पिकेट लगवाने की मांग की थी।
जिसके चलते पुलिस अधिकारियों से बातचीत चल रही है। पीएसी तैनात कर दी गई है। जल्द ही सुरक्षा के अन्य पुख्ता इंतजाम कोतवाली इलाके में किए जाएंगे।
अब तक क्या हुआ
कोतवाली थानाक्षेत्र के तीरगरान में धार्मिक स्थल पर प्याऊ का निर्माण कराने को लेकर विगत दस मई 2014 को सांप्रदायिक बवाल हुआ था। बवाल में सर्राफा व्यापारी सुशील रस्तोगी के इकलौते बेटे शुभम की गोली लगने से मौत हो गई थी। शुभम का इस बवाल से कोई लेना-देना नहीं था।
वह उस दिन शनि मंदिर में दीपक जलाने गया था। इस दौरान बवालियों की तरफ से चली गोली उसे जा लगी थी। इस प्रकरण में पुलिस ने अपनी विवेचना के दौरान बिलाल, मतलूब, खालिद उर्फ अंडा और सुल्तान को नामजद किया था।
पिछले सप्ताह चारों आरोपियों के जेल से जमानत पर छूटने की जानकारी लगने पर कोतवाली इलाके में दहशत का माहौल बना है।
कोतवाली इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति पुख्ता करने और शुभम हत्याकांड के आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसने की मांग लेकर सोमवार को भाजपाइयों ने एसपी सिटी ऑफिस पर हंगामा किया था। पुलिस चौकी के अलावा पीएसी पिकेट लगवाने की मांग भी की थी।