एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फोर टेक्निकल एजूकेशन) ने नियमों में कुछ बदलाव कर इंजीनियरिंग कॉलेजों में खलबली मचा दी है। फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद अब एआईसीटीई की टीम सरप्राइज विजिट करेगी।
चेक किया जाएगा कि कॉलेज ने जो जानकारी उनके पोर्टल पर दी है, वह सही है या नहीं। शिक्षक और इंफ्रास्टक्चर का जांच की जाएगी। शिक्षकों की डिटेल में उनका एकाउंट नंबर, आधार कार्ड नंबर और पैन कार्ड नंबर देना अब अनिवार्य होगा। इसके अलावा एआईसीटीई ने नियमों को कुछ राहत भी दी है। सीट कम करने के लिए अब शासन ने अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए नए नियम और कुछ बदलाव किए हैं। वह अपने पोर्टल पर देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों से उनके इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की जानकारी अपलोड कराती है। पोर्टल पर तो सभी कॉलेज नॉर्म पूरा करने की जानकारी देते हैं।
फैकल्टी की डिटेल के नाम पर संस्थान उनकी आईडी क्रिएट कर जानकारी देते थे। सीट कम करने के लिए शासन ने एनओसी लेने का काम बंद कर राहत दी है। अब कोर्स बंद करने पर ही एनओसी लेनी होगी। लगातार सीट खाली रहने पर कॉलेज सीट कम करने की मांग करते हैं। इसके लिए उन्हें शासन के चक्कर लगाने पड़ते हैं। एक ब्रांच के लिए चार कमरों की जगह अब तीन कमरों में भी कोर्स चल सकेगा।
कॉलेजों में सबसे ज्यादा खौफ सरप्राइज विजिट का है। पहले एआईसीटीई की टीम आने की जानकारी देती थी, लेकिन अब विजिट सरप्राइज होगी। उसी दिन संस्थान को बताया जाएगा। टीम आकर देखेगी की संस्थान ने जो उनके पोर्टल पर जानकारी दी है वह सही है या गलत।