12 साल के गौरव को नेहरू नगर के नाले में तलाशने में सिस्टम हांफ गया है। चार दिन से सर्च अभियान चलने के बावजूद भी इस किशोर का सुराग तक नहीं लग पाया है। मंगलवार को चौथे दिन दो अलग-अलग बातें सामने आईं।
गौरव को नाले में ढूंढने में लगी टीम ने संभावना जता दी है कि वह नाले से बहकर कहीं काली नदी की तरफ न चला गया हो। वहीं, नगरायुक्त ने एक तरह से मान लिया कि गौरव नाले में गिरा ही नहीं। अब तय हुआ है कि बुधवार को आखिरी बार नाले से काली नदी तक निगम की भारी भरकम टीम गौरव की तलाश में कोना-कोना छानेगी।
यह था घटनाक्रम
फूलबाग कॉलोनी गली नंबर पांच निवासी सुशीला के इकलौते बेटे गौरव के विगत 30 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे नेहरू नगर नाले में गिरने से हड़कंप मच गया था। इसकी सूचना वहां गौरव के साथ खेल रहे 10 साल के बालक सोनू ने दी थी। इस हादसे के करीब 35 मिनट बाद डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी सुरेंद्र शर्मा टीम को लेकर नाले में उतरे जबकि दोपहर 12.00 बजे नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी सर्च अभियान में जुट गए।
दोपहर 12.35 बजे नगर निगम की जेसीबी पहुंची तो शाम 6 बजे नगर निगम की नाला खंगालने वाली छोटी मशीन पहुंची। गौरव के न मिलने पर रात करीब 9.20 बजे यह अभियान बंद कर दिया गया था। इसके बाद सुबह से शाम तक इसी नाले के आसपास ही सर्च तो चल रहा है, लेकिन गौरव का अता-पता नहीं चल पाया।
‘मुझे नहीं लगता गौरव का गिरना’
गौरव को तलाशने के लिए निगम के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को भी जगह-जगह नाले को खंगाला। लेकिन शाम तक उसके न मिलने पर एक तरह से हाथ खड़े करने शुरू कर दिए। मौके पर पहुंचे नगरायुक्त उमेश प्रताप ने कह दिया कि जिस प्रकार से नाले की गहरायी और पानी का बहाव है। उससे प्रतीत होता है कि गौरव नाले में गिरा ही नहीं है। नगरायुक्त की मानें तो इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जा रही है।
कई सवाल हो गए खड़े
अब गौरव को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सवालों को नगरायुक्त के बयान ने भी पुष्ट करने का काम किया है। हालांकि ऐसे सवाल इस हादसे के समय से ही उठ रहे थे। लेकिन नगर निगम की तरफ से नाले में गौरव की तलाश जारी थी। नगरायुक्त के इस अनुमानित बयान से पीड़ित परिवार को बड़ा झटका लगा है।
अंतिम बार करेंगे प्रयास
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि बुधवार को अंतिम दिन एक बार 80-100 सफाई कर्मचारियों को नाले में उतारा जाएगा। नाले में जिस जगह से गौरव के गिरने की बात कही गई, वहां से लेकर काली नदी तक बारीकी से नाले को खंगाला जाएगा। ताकी शक की कोई गुंजाइश ही न बचे। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि हादसे के दिन से रात में खोले गए पानी के साथ गौरव काली नदी तक भी पहुंच सकता है।